भदोही श्रीमती आर्यका अखौरी जिलाधिकारी महोदया उप कृषि निदेशक, श्री अरविन्द कुमार सिंह द्वारा लालानगर तिलहन किसान मेला का फिता काटकर किया गया शुभारंभ एंव 10 कृषकों को पुरस्कृत किया गया। ( ब्यूरो धर्मेंद्र पांडे की खास रिपोर्ट )

(भदोही खरीफ उत्पादकता गोष्ठी एवं एन0एफ0एस0एम0 योजनान्तर्गत जनपद स्तरीय तिलहन मेला का किया गया आयोजन )

भदोही श्रीमती आर्यका अखौरी जिलाधिकारी महोदया  की अध्यक्षता में दिनांक 15.07.2021 को लालानगर में संपन्न हुआ।  उप कृषि निदेशक, श्री अरविन्द कुमार सिंह द्वारा विभागीय जानकारी देते हुए बताया कि जनपद में तिलहन योग्य भूमि है, जिसमें तिलहन की खेती करके लाभ कमाया जा सकता है। उप कृषि निदेशक द्वारा बताया गया कि जनपद में दलहन तिलहन खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसी के साथ औषधीय खेती के साथ केले, पपीते, मशरूम जैसे लाभकारी खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। कृषि विभाग से समस्त प्रकार के कृषि निवेश, कृषि यंत्र पर अनुदान के बारे में जानकारी दी गयी। गोष्ठी में कृषि विज्ञान केन्द्र के कृषि वैज्ञानिक डा0 मनोज कुमार द्वारा फसल सुरक्षा के बारे में विस्तृत जानकारी दी गयी। इनके द्वारा मशरूम की खेती एवं इससे लाभ के बारें में बताया गया। इसी संस्थान के डा0 आर0पी0 चैधरी द्वारा अरहर, उर्द, मूॅग की खेती के बारे में विस्तृत जानकारी दी गयी। इनके द्वारा बताया गया कि अरहर प्रजाति नरेन्द्र-2, मालवीय चमत्कार 8-10 किग्रा0/हे0 की दर से ट्राइकोडर्मा या राइजोबियम कल्चर से शोध कर बुवाई करें। जिला उद्यान अधिकारी श्री सुनील कुमार द्वारा योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि आम, आवंला, अमरूद आदि फलदार  वृक्षारोपण करने से तीर हजार रू0 प्रति माह की दर से तीन वर्ष तक वृक्षों के संरक्षण के लिए दिया जाता है। इनके द्वारा स्प्रिंकलर सेट, में 90 प्रतिशत का अनुदान संबंधी लक्ष्य प्राप्त होने की जानकारी दी गयी। सहायक निदेशक मत्स्य द्वारा बताया गया कि तालाब का पट्टा 15 अगस्त तक अवश्य आवेदन कर दें, जिससे कि पट्टा हो जाये और योजना का लाभ दिया जा सके। श्री जी0सी0 त्रिपाठी अध्यक्ष वैदिक एग्री प्रो0कं0लि0 के द्वारा बताया गया कि जनपद में लेमन ग्रास, तुलसी, पिपरमेंट की खेती कराकर आसवन विधि द्वारा तेल निकालने का कार्य किया जायेगा। इनके द्वारा जनपद के कृषकों को मड़ुवा, सांवा, कोदो जैसे मोटे अनाज के बीज की उपलब्धता करायी गयी। मुख्य विकास अधिकारी श्री भानु प्रताप सिंह द्वारा गोष्ठी के महत्व को प्रकाशित करते हुए बताया गया कि कृषि अधिकारियों एवं वैज्ञानिकों द्वारा जो तकनीकी बात बतायी जाती है उसे अपने अन्य कृषक भाईयों के बीच में जाकर साझा करें और तकनीकी जानकारी को प्रदान करायें, जिससे जनपद का उत्पादन बढ़ सके और कृषक लाभान्वित हो सके। जिलाधिकारी महोदया द्वारा कृषकों से अपील किया गया कि पारम्परिक खेती जैसे सांवा कोंदो, तिल अलसी आदि खेती करने पर जोर दिया गया। इनके द्वारा अपील किया गया कि कृषक धान एवं गेहॅू की फसलों के साथ अन्य फसलों को भी अपनायें, जिसमें कम लागत हो और मुनाफा अधिक मिल सके साथ ही अपने भोजन के उपरान्त व्यापारिक गतिविधियों के लिए अन्य मंडियों से सम्पर्क कर व्यापार को बढ़ायें । किसान मेले में प्रश्नोत्तरी कार्यक्रम के अन्तर्गत 10 कृषकों को पुरस्कृत किया गया। जनपद के 10 किसानों को वैदिक एग्रो प्रो0कं0लि0 की ओर से सांवा, कोदो, मड़ुवा का बीज वितरण किया गया। किसान मेले में गोष्ठी में जनपद के दूर-दराज से बड़ी संख्या में कृषकों की सहभागिता रही। गोष्ठी में विभिन्न विभागों और प्राइवेट क्षेत्र के फर्माें द्वारा स्टाल लगाकर कृषकों को प्रदर्षनी के माध्यम से जानकारी दी गयी। मेले का समापन कृषक श्री अरूणेन्द्र कुमार चैबे द्वारा किया गया।

( ब्यूरो धर्मेंद्र पांडे की खास रिपोर्ट )

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