औरैया फफूंद कृषि विज्ञान केंद्र के विशेषज्ञ अंकुर झा ने किसानों को फसल में खैरा रोग से बचने के बताए उपाय | ( पंकज सिंह राणावत की खास रिपोर्ट )


( औरैया फफूंद कृषि विज्ञान केंद्र के विशेषज्ञ अंकुर झा ने किसानों को फसल में खैरा रोग से बचने के बताए उपाय )
उत्तर प्रदेश औरैया फफूंद बारिश शुरू हो चुकी है और काफी किसानों ने धान की रोपाई भी कर ली है। तो काफी किसान लबालब खेत पाकर अब रोपाई में जुट गए हैं। धान की फसल से अच्छा उत्पादन पाने के लिए सिर्फ सिंचाई व उर्वरकों की जरूरत तो होती ही है, साथ ही इस समय रोगों का प्रकोप भी बढ़ जाता है। इसलिए समय रहते इसका नियंत्रण बहुत जरूरी है।इसके लिए कृषि विज्ञान केंद्र परवाहा से पौध संरक्षण विशेषज्ञ अंकुर झा ने किसानों को जरूरी बातें ध्यान में रखने की सलाह दी है। इन पर अमल कर धान की फसल को जहाँ कीटों व रोगों से सुरक्षित रखा जा सकता है वहीं उत्पादन भी अच्छा लिया जा सकता है। विशेषज्ञ अंकुर झा ने बताया धान की फसल में रोपाई के एक से दो सप्ताह बाद पौधों में खैरा रोग का प्रकोप होने लगता है। यह रोग पौधों में जिंक की कमी होने पर शीघ्रता से फैल जाता है। इस प्रकार का रोग बार-बार उन्हीं खेतों में होता है, जहा जस्ते की कमी होती है उन्होंने बताया कि किसान भाई अपनी धान की फसल में खैरा रोग की रोकथाम के लिए 8-10 किलोग्राम जिंक प्रति एकड़ की दर से छिड़काव करें।आवश्यकतानुसार 10 से 12 दिनों के अन्तराल पर दोबारा छिड़काव कर खैरा रोग को समाप्त किया जा सकता है।

( पंकज सिंह राणावत की खास रिपोर्ट )
