उत्तर प्रदेश वाराणसी रोहनिया थाना क्षेत्र ट्रेन पकड़ने के लिए तेज रफ्तार कार डिवाइडर पार कर दूसरी लेन में जा घुसी कार,सामने से आ रहे टैंकर से टकराई कार कार के उड़े परखच्चे तीन की हुई मौत कार चालक हुआ गम्भीर घायल | ( पंकज झां की खास रिपोर्ट )


( रोहनिया थाना क्षेत्र ट्रेन पकड़ने के लिए तेज रफ्तार कार डिवाइडर पार कर दूसरी लेन में जा घुसी कार,सामने से आ रहे टैंकर से टकराई कार तीन की हुई मौत कार चालक हुआ गम्भीर घायल )
उत्तर प्रदेश वाराणसी आध्यात्मिक नगरी काशी में बुधवार सुबह साढ़े पांच बजे ट्रेन पकड़ने के लिए तेज रफ्तार कार दौड़ाने पर भीषण सड़क हादसा हो गया।राष्ट्रीय राजमार्ग दो पर तेज रफ्तार से दौड़ रही कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर को पार करते हुए दूसरी लेन में जा घुसी और सामने से आ रहे टैंकर की चपेट में आ गई।टैंकर की चपेट में आने से कार के परखच्चे उड़ गए।लीलावती देवी(65) और आशुतोष कुमार पटेल उर्फ चंदन(22), अजित सिंह(32) की मौत हो गई। कार चला रहे शैलेश(38) गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा इतना भीषण था कि कार में फंसे लोगों को निकालने के लिए पुलिस को घंटों मशक्कत करनी पड़ी। प्राप्त जानकारी के अनुसार ये दिल दहला देने वाला भीषण सड़क हादसा रोहनिया थाना क्षेत्र के राजा तालाब वीरभानपुर के पास हुआ। प्रयागराज के अंदावा के रहने वाले अखिलेश पटेल सहारा फाइनेंस में नौकरी करते हैं।अखिलेश पटेल की मां लीलावती और बड़े बेटे आशुतोष को बिहार के सिवान जाने के लिए प्रयागराज से ट्रेन पकड़ना था। कार से लीलावती, आशुतोष, परिवार के अजित और अखिलेश का छोटा भाई शैलेश सुबह साढ़े पांच बजे रेलवे स्टेशन के लिए निकले। कार को शैलेश चला रहा था। आगे की सीट पर अजित पिछली सीट पर लीलावती और उनका पोता चंदन बैठे थे।चारों कार से प्रयागराज स्टेशन पहुंचे तो ट्रेन जा चुकी थी।ट्रेन को पकड़ने के लिए सभी ने भदोही के गोपीगंज स्टेशन जाने का फैसला किया। तेज रफ्तार से कार भदोही के गोपीगंज स्टेशन पहुंची लेकिन ट्रेन यहां से भी आगे निकल चुकी थी। ट्रेन को अब वाराणसी में रूकना था।वाराणसी में ट्रेन को पकड़ने का फैसला किया गया और ट्रेन से भी तेज रफ्तार में वाराणसी पहुंचने के लिए कोशिश शुरू हुई। इसी दौरान हाईवे पर राजा तालाब वीरभानपुर के पास तेज रफ्तार कार अनियंत्रित हो गई।अनियंत्रित कार डिवाइडर से टकराने के बाद दूसरी लेन पर चली गई और सामने से आ रहे टैंकर ने कार को टक्कर मार दी।टक्कर इतनी तेज थी कि कार के परखचे उड़ गए। आसपास के लोगों ने पुलिस को सूचना दी।पुलिस पहुंची तो लेकिन कार में बुरी तरह फंसे लोगों को निकालने में ही कई घंटे लग गए। इस दौरान लीलावती व उनके पोते और अजित की मौत हो गई। शैलेश को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। लीलावती मूलरूप से सीवान बिहार की रहने वाली थीं। उनके पति केंद्र सरकार में नौकरी करते थे। 1980 में प्रयागराज में नौकरी के दौरान घर बनवाकर बस गए थे। उनकी 10 साल पहले सेवानिवृत्त होने के बाद मौत हो गई। इनके तीन बेटे अखिलेश, शैलेश, दिनेश हैं। लीलावती अपने घर सिवान (बिहार) खेती का हिसाब करने अखिलेश के बड़े बेटे के साथ जाने के लिए ट्रेन पकड़ने के लिए कैंट के लिए निकलीं थीं।

( पंकज झां की खास रिपोर्ट )
