बलरामपुर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पहुंचे बलरामपुर सभा को संबोधित करते हुए तहसील उतरौला के बाढ़ से प्रभावित लोगों राहत सामग्री एवं एसडीआरएफ की गयी तैनात । ( विकास कुमार की खास रिपोर्ट )

( बलरामपुर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पहुंचे बलरामपुर सभा को संबोधित करते हुए बाढ़ से प्रभावित लोगों राहत सामग्री एवं एसडीआरएफ की गयी तैनात )

 

बलरामपुर जनपद में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को शाम 5:00 बजे तहसील उतरौला के बाढ़ प्रभावित ग्राम पालापुर के बाढ़ प्रभावितों को राहत सामग्री का वितरण किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री जी द्वारा लाभार्थियों से वार्ता की गई एवं मिल रही राहत सुविधाओं की जानकारी दी गई। इस अवसर पर मुख्यमंत्री जी ने कहा कि जनपद में बाढ़ राहत कार्यों की समीक्षा की गई है। जनपद में एक एसडीआरएफ एवं एक पीएसी तैनात है, हर प्रभावित ग्राम में नाव की व्यवस्था की गई है, बाढ़ चौकी और कंट्रोल रूम के माध्यम से राहत एवं बचाव कार्य समयबद्ध ढंग से हो सके इसकी व्यवस्था की गई है। हर प्रभावित परिवार को समय से राहत सामग्री उपलब्ध हो इस मंशा के साथ स्थानीय स्तर पर मा॰ विधायकगण एवं जनप्रतिनिधि गण के सहयोग से जिला प्रशासन द्वारा पूरी प्रतिबद्धता के साथ राहत सुविधाएं बाढ़ प्रभावितों को उपलब्ध कराई जा रही है। जनपद बलरामपुर में लगभग 60 राजस्व गांव राप्ती नदी व उसकी सहायक नदियों के कारण प्रभावित है, जिनमें लगभग 60 से 65 हजार की आबादी प्रभावित है। युद्ध स्तर पर राहत बचाव कार्यों हेतु जिला प्रशासन को पूर्व में निर्देशित किया गया है। पिछले कुछ दिनों में नेपाल एवं पूर्वी उत्तर प्रदेश में भारी बारिश के कारण बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हुई है अगले कुछ दिनों में राहत मिलने की संभावना है, लेकिन बचाव और राहत कार्य युद्ध स्तर पर चले सरकार द्वारा यह निर्देश पहले से ही जारी किए गए हैं इसके लिए पर्याप्त संसाधन प्रत्येक जिलों को उपलब्ध है कराया गया है। जल शक्ति विभाग द्वारा नदियों को चैनेलाइज एवं ड्रेनेज कार्य से बाढ़ जैसी आपदा पर काफी हद तक नियंत्रित किया गया है। इससे पूर्व में जहां भारी बारिश से पूरा बलरामपुर जलप्लावित हो जाता था आज एक बड़ी आबादी को बचाने का कार्य किया गया है। राहत एवं बचाव के सभी सभी उपाय करने के साथ सरकार ने यह तय किया है की बाढ़ एवं जलजमाव के कारण बहुत सारी संक्रमित बीमारियां के रोकथाम हेतु 5 सितंबर से 12 सितंबर तक विशेष स्वच्छता अभियान चलाया जाएगा एवं हर एक जनपद के लिए नोडल अधिकारी की तैनाती की जाएगी। जनप्रतिनिधियों की देखरेख में स्वच्छता, सैनिटाइजेशन, फागिंग आदि के लिए व्यापक अभियान चलाया जाएगा। इसमें स्वास्थ्य विभाग, नगरीय विकास विभाग, ग्राम्य विकास विभाग,पंचायती राज विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, शिक्षा विभाग इन सभी विभागों को जोड़ा गया है। अंतर विभागीय समन्वय के माध्यम से बाढ़ बचाव कार्य एवं राहत कार्यों को तेज करने के साथ ही बाढ़ के उपरांत जल जमाव एवं उसके कारण होने वाले तमाम प्रकार की बीमारियां से बचाव के लिए 5 सितंबर से 12 सितंबर तक 1 सप्ताह का व्यापक स्वच्छता अभियान चलाया जाएगा। मुख्यमंत्री जी ने बाढ़ के कारण या आपदा के कारण किसी भी व्यक्ति की दुखद मृत्यु पर 24 घंटे के भीतर प्रभावित परिवार को चार लाख की सहायता, मकान क्षतिग्रस्त होने पर रुपए 95000 की आर्थिक सहायता, नदी के कटान से घर बह जाने पर मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत आवास का लाभ, किसी के पालतू जानवर अगर बाढ़ की चपेट में आते हैं तो उनको भी आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। किसी किसान की आपदा के दौरान दुखद मृत्यु पर किसान के परिवार को 5 लाख रुपए की आर्थिक सहायता दी जाएगी। माननीय मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आपदा के संकट की घड़ी में सरकार पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है। बाढ़ से बचाव एवं उसके साथ ही हर प्रभावित परिवार को राहत समय पर मिल सके इसके लिए शासन द्वारा जनप्रतिनिधियों के माध्यम से निगरानी की जा रही है सभी जनप्रतिनिधियों द्वारा प्रशासन के साथ मिलकर बाढ़ प्रभावितों को राहत सुविधाएं समय से उपलब्ध कराई जा रही है। बाढ़ पीड़ित परिवारों को सरकार संवेदनशीलता के साथ हरसंभव मदद देने को प्रतिबद्ध है, बाढ़ के कारण कृषि फसल भी प्रभावित हुई है प्रशासन को प्रभावित फसल का सर्वे किए जाने का निर्देश दिया गया है,सभी पीड़ित किसानों को उचित मुआवजा दिया जाएगा। समयबद्ध ढंग से सभी पीड़ित परिवारों को राहत सामग्री पहुंचे इसके लिए सरकार को पहले से निर्देश जारी किए गए हैं एवं पर्याप्त मात्रा में जिला प्रशासन को संसाधन एवं धनराशि उपलब्ध कराई गई है।

 

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