उत्तर प्रदेश कानपुर में डेंगू के बढ़ते प्रकोप के दृष्टिगत कमिश्नर द्वारा कांशीराम अस्पताल ले ट्रामा सेंटर का किया गया निरीक्षण दिए आवश्यक दिशा निर्देश । ( धर्मेंद्र पांडे की खास रिपोर्ट )

 ( राज शेखर आयुक्त कानपुर मंडल )

( कानपुर में डेंगू के बढ़ते प्रकोप के दृष्टिगत कमिश्नर द्वारा कांशीराम अस्पताल ले ट्रामा सेंटर का किया गया निरीक्षण दिए आवश्यक दिशा निर्देश  )

उत्तर प्रदेश कानपुर माननीय मुख्यमंत्री ने सभी आयुक्तों, डीएम, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को बुखार के रोगियों की समय पर जांच, उपचार और देखभाल सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। उपरोक्त के साथ-साथ, स्वच्छता और अन्य निवारक उपायों को सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए जा रहे हैं। जन-जागरूकता के लिए हर संभव तरीके से व्यापक अभियान चलाया जाएगा। आज कमिश्नर उत्तर प्रदेश कानपुर ने कांशीराम अस्पताल एवं ट्रॉमा सेंटर का औचक निरीक्षण किया। एडी हेल्थ और सीएमओ कानपुर नगर साथ में थे।

1) निरीक्षण में यह पाया गया कि “बुखार हेल्प डेस्क” (फ़ीवर हेल्प डेस्क) काम कर रहा था और इस अस्पताल में प्रतिदिन औसतन 30 से 40 बुखार के मामले सामने आते हैं।
डाटा बेस भी बनाए रखा जाता है।

2) इस अस्पताल में 100 बेड “फीवर वार्ड” स्थापित किया गया है।
वर्तमान में भर्ती मरीजों की कुल संख्या (बुखार की शिकायत के साथ) 11 है।

डेंगू की पुष्टि का केवल एक मामला सामने आया है और रोगी का इलाज किया जा रहा है।

3) कांशीराम अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) ने आयुक्त को बताया कि 2 दिन पहले डेंगू परीक्षण के लिए जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज की माइक्रोबायोलॉजी लैब में 9 नमूने भेजे गए हैं. अभी रिपोर्ट्स का इंतजार है।

4) कमिश्नर ने कई मरीजों और उनके तीमारदारों से बातचीत की। वे सभी दिए गए उपचार और देखभाल के लिए संतुष्ट थे।
लेकिन एक महिला परिचारक ने पिछले एक सप्ताह से महिला शौचालय की खराब स्थिति की शिकायत की।
आयुक्त ने सीएमएस को तीन दिन में इसे ठीक कराने को कहा।

5) COVID हेल्प डेस्क काम नहीं कर रहा था।
मरीजों और परिचारकों की मास्क अनुपालन और थर्मल गन जाँच की जाँच के लिए किसी को भी प्रतिनियुक्त नहीं किया गया था।
आश्चर्यजनक रूप से अस्पताल के कई कर्मचारी और कर्मचारी मास्क नहीं पहने हुए थे।
उनका आकस्मिक रवैया कई मरीजों और परिचारकों को परेशानी में डाल सकता है।
कई मरीज़ भी बिना मास्क के पाए गए।

6) यह भी पाया गया कि अस्पताल के प्रवेश द्वार पर उनकी ड्रेनेज चोक की बड़ी समस्या है।
और परिसर के कुछ हिस्से में गंदा पानी फैला हुआ है।

पूछे जाने पर CMS ने आयुक्त से कहा कि जल निगम पिछले एक सप्ताह से समस्या का समाधान नहीं कर रहा है।
उन्होंने यह भी बताया कि समस्या के समाधान के लिए जीएम जल निगम को कई बार पत्र लिखे जा चुके हैं लेकिन इसका समाधान नहीं हुआ।
आयुक्त ने GM जल निगम को आगामी २ दिन में समस्या का निराकरण करने के निर्देश दिए।

7) आयुक्त के संज्ञान में यह भी आया कि “डिजिटल एक्स रे मशीन” पिछले कई महीनों से काम नहीं कर रही है।
बताया गया कि मरम्मत और रखरखाव के तहत बजट की कमी के कारण, डिजीटलएक्स रे की मरम्मत नहीं की जा सकी।
कमिश्नर ने एडी हेल्थ को डीजी हेल्थ एंड शासन लेवल पर इस मुद्दे का पालन करने का निर्देश दिया।
आयुक्त ने बताया कि स्वास्थ्य एवं एसीएस स्वास्थ्य महानिदेशक से बात कर इसकी मरम्मत के लिए बजट जारी करने का अनुरोध करेंगे।

8) आयुक्त ने खराब पर्यवेक्षण और निगरानी के लिए सीएमएस कांशीराम अस्पताल को लिखित कारण बताओ नोटिस जारी किया।

कमिशनर ने सीएमएस को अस्पताल के 3 कर्मचारियों को निलंबित (यदि नियमित कर्मचारी हैं) और (संविदा कर्मचारियों के मामले में) हटाने का निर्देश दिया, जो मास्क पहने नहीं पाए गए, लेकिन रोगियों और परिचारकों के साथ काम करते पाए गए।

9) आयुक्त ने एडी स्वास्थ्य को अगले 7 दिनों में एक बार फिर अस्पताल का दौरा करने और अनुपालन की रिपोर्ट करने का निर्देश दिया।

10) मंडलायुक्त ने सभी ज़िलाधिकारियों , AD हेल्थ और सभी मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे तत्काल “फ़ीवर हेल्प लाइन” / कॉल सेंटर स्थापित करने और उसका नम्बर जनता में रिलीज़ करने के निर्देश दिए ताकि फ़ीवर के मामलों को समय पर संज्ञान लेकर बेहतर इलाज की सुविधा सुनिश्चहित किया जा सके।

( धर्मेंद्र पांडे की खास रिपोर्ट )

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