उत्तर प्रदेश वाराणासी काशी में दीपावली के पर्व पर मुस्लिम महिलाओं ने उतारी श्रीराम की आरती लोगों को एक साथ रहने का दिया संदेश। ( धन्नजय सिंह की खास रिपोर्ट ) (


( वाराणासी काशी में दीपावली के पर्व पर मुस्लिम महिलाओं ने उतारी श्रीराम की आरती लोगों को एक साथ रहने का दिया संदेश )
उत्तर प्रदेश वाराणासी देश की सांस्कृतिक राजधानी काशी में जो होता है वो अदभुत ही होता है।आध्यात्मिक नगरी में जो आयोजन होता है वे अपने आप में बेहद खास होते हैं।काशी में दीपावली के मौके पर अदभुत हुआ है जहां मुस्लिम महिलाओं ने मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्रीराम की आरती उतारी और लोगों को एक साथ रहने का संदेश दिया।विशाल भारत संस्थान और मुस्लिम महिला फाउंडेशन ने लमही के सुभाष भवन में श्रीराम की महाआरती का आयोजन किया। इस दौरान धर्म के नाम पर नफरत नहीं फैलाने का संकल्प भी लिया। आपको बता दें कि विशाल भारत संस्थान और मुस्लिम महिला फाउंडेशन 15 सालों से लगातार श्रीराम की महाआरती करता आ रहा है। दीपावली पर अयोध्या और काशी दोनों स्थानों पर भव्य आयोजन किया गया। इस दौरान एक भारत, श्रेष्ठ भारत का संदेश भी दिया जाता है।सबसे अहम बात ये है कि तमाम धमकियों के बाद भी मुस्लिम महिलाओं ने प्रभु श्रीराम की महाआरती कर सांप्रदायिक ताकतों को मुंहतोड़ जवाब दिया है।इस दौरान उर्दू में लिखी श्रीराम प्रार्थना और श्रीराम आरती गाकर मुस्लिम महिलाओं ने महाआरती की। मुस्लिम महिलाओं ने दीप जलाकर फुलझड़ी जलाकर संदेश दिया कि भारत भूमि पर रहने वाले सभी भारतवासी सांस्कृतिक रूप से एक हैं। क्योंकि सबके पूर्वज एक ही थे इसके पहले श्रीराम जन्मभूमि अयोध्या की पवित्र मिट्टी के कलश को मुस्लिम महिलाओं ने अपने सिर पर रखकर पूजा स्थल तक लाया।इसके बाद मुस्लिम महिलाओं ने जय सियाराम का उद्घोष किया और राम नाम का कीर्तन भी किया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पातालपुरी मठ के पीठाधीश्वर महंत बालक दास महाराज ने मुस्लिम महिलाओं के साथ श्रीराम आरती गाकर धर्म के भेद को खत्म किया।महंत ने सबके राम, सब में राम का संदेश भी दिया।श्रीराम महाआरती में अर्चना भारतवंशी, डॉ. मृदुला जायसवाल, नगीना बानो, शबनम, सबीना, नाजिया, नजराना, नगीना, शम्सुनिशा, नाजमा, सैमुननिशा, मुन्नी, जुबैदा, शहजादी समेत अन्य मौजूद थे।
