उत्तर प्रदेश प्रयागराज अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष एवं बाघंबरी मठ के महंत स्वर्गीय नरेंद्र गिरि की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में आनंद गिरि की जमानत हुई खारिज | ( धन्नजय सिंह की खास रिपोर्ट )

( प्रयागराज अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष एवं बाघंबरी मठ के महंत स्वर्गीय नरेंद्र गिरि की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में आनंद गिरि की जमानत हुई खारिज  )

उत्तर प्रदेश प्रयागराज अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष एवं बाघंबरी मठ के महंत स्वर्गीय नरेंद्र गिरि की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में जेल में बंद मुख्य आरोपी छोटे महाराज के नाम से मशहूर आनंद गिरि को गुरूवार प्रयागराज की जिला अदालत से बड़ा झटका लगा है।स्पेशल कोर्ट ने आनंद गिरि की जमानत अर्जी को खारिज कर दिया हैं।आनंद गिरि को अब जेल से बाहर आने के लिए हाईकोर्ट के दरवाजे की कुंडी खटखटानी होगी।कोर्ट ने ये फैसला सीबीआई द्वारा जमानत अर्जी का विरोध किए जाने और जांच प्रभावित होने की संभावना की दलीलों के आधार पर सुनाया है। गुरूवार को आनंद गिरि की जमानत अर्जी पर जिला अदालत में मृदुल मिश्र की स्पेशल कोर्ट में सुनवाई हुई।आनंद गिरि के वकीलों ने जमानत के लिए कथित खुदकुशी मामले में आनंद गिरि का कोई हाथ न होना और उनके खिलाफ सीधे तौर पर कोई सबूत न होना,भगवाधारी संत होना,अभी तक किसी भी मामले में सज़ा न होना और जांच में हर तरह का सहयोग करने की दलील दी गई,जबकि सीबीआई की तरफ से आनंद गिरि की इस अर्जी का ये कहते हुए विरोध किया गया कि जमानत पर जेल से रिहा होने के बाद आनंद गिरि जांच को प्रभावित कर सकते हैं और गवाहों पर अपना दबाव बना सकते हैं। कोर्ट ने इसी आधार पर आनंद गिरि की जमानत अर्जी को खारिज कर दिया।निचली अदालत से आनंद गिरि की तीसरी अर्जी खारिज हुई है।आनंद गिरि अपने गुरु अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष एवं बाघंबरी मठ के महंत नरेंद्र गिरि की कथित खुदकुशी के मामले में 22 सितम्बर से जेल में बंद हैं।इस मामले में अकेले आनंद गिरि के खिलाफ ही नामजद एफआईआर दर्ज हुई थी।हालांकि सुसाइड नोट में तीन लोगों के नाम का जिक्र था। आनंद गिरि हरिद्वार से गिरफ्तार किए गये थे। आनंद गिरि के वकील विनीत विक्रम के अनुसार जमानत के लिए अब जल्द ही इलाहाबाद हाईकोर्ट में अर्जी दाखिल की जाएगी। सीबीआई भी इस मामले में जल्द ही चार्जशीट दाखिल कर सकती है। हालांकि अभी तक की जांच में सीबीआई किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच पाई हैं।सीबीआई सुसाइड नोट में लिखी बातों के आधार पर ही जांच को आगे बढ़ा रही है। जेल में बंद दो अन्य आरोपी आद्या तिवारी और संदीप तिवारी की जमानत अर्जी अभी सेशन कोर्ट में दाखिल होनी बाकी है।सीबीआई ने आनंद गिरि का वॉयस सैंपल लेने के लिए सीजेएम कोर्ट में अर्जी दाखिल की है। आपको बताते चले कि अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष एवं बाघंबरी मठ के महंत नरेंद्र गिरि की कथित मौत मामले में आनंद गिरि,आद्या तिवारी और संदीप तिवारी आरोपी हैं।इस समय तीनों आरोपी नैनी जेल में बंद है।आनंद गिरि की पहले भी जमानत अर्जी कोर्ट से खारिज हो चुकी है।सीबीआई ने आरोपी आनंद गिरि के वॉइस सैंपल के लिए सीजेएम कोर्ट में अर्जी दाखिल की है। वॉइस सैंपल की अर्जी पर आनंद गिरि के वकील सुधीर श्रीवास्तव के आपत्ति करने और समय मांगने के बाद कोर्ट ने सीबीआई के आवेदन पर 12 नवंबर की तारीख निर्धारित की है।सीबीआई को आनंद गिरि का वॉइस सैंपल की इजाजत मिलेगी या नहीं,इसका फैसला शुक्रवार को होगा।

samacharlive24

Back to top button
error: Content is protected !!