उत्तर प्रदेश आगरा मुसाफिर खानामे महिलाओं ने बड़े धूमधाम से कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को आंवला नवमी । ( योगेश कुमार पाठक की खास रिपोर्ट )

( आगरा मुसाफिर खानामे महिलाओं ने बड़े धूमधाम से कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को आंवला नवमी )

उत्तर प्रदेशआगरा उत्तरप्रदेश मुसाफिर खाना आंवला नवमी का त्योहार आंवला नवमी को ही भगवान विष्णु ने कुष्माण्डक राक्षस का अंत किया था। राक्षस के अंत के बाद उसके रोम से कुष्माण्डक बेल हुई थी। इसी कारण आंवला नवमी के दिन कूष्माण्ड का दान करने से उत्तम फल की प्राप्ति होती है। इसलिए इस दिन को धात्री तथा कुष्मांडा नवमी के नाम से भी जाना जाता है। दीपावली के बाद कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को मनाया जाता है इस त्योहार को अक्षय नवमी धात्री तथा कुष्माडा नवमी भी कहा जाता है इस त्योहार को हिन्दू रीति रिवाज के अनुसार मनाया जाता है आंवले के पेड़ से कच्चा धागा भाधकर शुद्ध घी की बाती से आरती करके पूजा यातना करते हैं इस त्योहार को कई शहर और गांवों में मनाया जाता है यह पर्व बड़ी धूम धाम से मनाया गया । जिसमे हुए लोग शामिल श्री श्याम जी कौशल श्री भारत जी कौशल , श्री विजय कुमार ,एवं समस्त कौशल परिवार और अन्य लोगो ने इस पर्व को पुरा करके सबके लिए मनोकामना की और एक दूसरे को खाना खिलाया मुकुल फाउंडेशन प्रिया गुप्ता जी ने इस पर्व में बड़ चढ़कर हिसा लिया और लोगो से अपील भी कि हमारे सनातन धर्म के हर पर्व को मनाया जाए ।

 

( योगेश कुमार पाठक की खास रिपोर्ट आगरा)

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