उत्तर प्रदेश माननीय न्यायालय स्पेशल जज पास्को एक्ट ने दी अजीवन कारावास 50,000 का अर्थ दण्ड । ( पंकज सिंह राणावत की खास रिपोर्ट )

( माननीय न्यायालय स्पेशल जज पास्को एक्ट ने दी अजीवन कारावास 50,000 का अर्थ दण्ड )

उत्तर प्रदेश औरैया शुक्रवार को स्पेशल जज पास्को एक्ट ने अपराध संख्या 331/ 20 स्पेशल केस 18 /20 में फरहान राईन को आजीवन कारावास देते हुए ₹50000 का अर्थदंड भी लगाया वही अभियुक्त के अधिवक्ता ने तर्क दिया था कि इकेश्वर सी नवयुवक मेहनत मजदूरी करके अपने परिवार का भरण पोषण करता है अभियुक्त का यह प्रथम अपराध है तथा कोई आपराधिक इतिहास नहीं है ऐसी स्थिति में न्यायालय से नर्म दृष्टिकोण अपनाते हुए कम सजा दी जाए वही विद्वान विशेष लोक अभियोजक जितेंद्र सिंह तोमर एवं मृदुल मिश्रा द्वारा तर्क दिया गया कि अभियुक्त के द्वारा नाबालिग पीड़िता को पैसों का लालच देकर लकड़ी विनवाने के बहाने झाड़ियों में ले जाकर उससे लैंगिक अपराध करने के लिए तीव्रता से प्राइवेट पार्ट मैं अभियुक्त ने गंभीर अपराध कार्य किया है नाबालिग पीड़िता घटना के समय मात्र 6 वर्ष आयु की अबोध बालिका थी दोष सिद्ध अभियुक्त द्वारा कार्य अपराध का है जिसे अभियोजन के द्वारा साबित किया गया है इसलिए अभियुक्त को कठोर से कठोर दंड एवं अधिकतम अर्थदंड से दंडित किया जाए अभय पक्षों के तर्को को सुनकर मामले के तथ्य एवं परिस्थितियों को दृष्टिगत रखते हुए दंड के न्याय उचित एवं तार्किक न्याय के उद्देश्य से दोष सिद्ध किया गया और अभियुक्त फरहान राय पुत्र छुटके राय को अभियोग अंतर्गत 376 एबी भारतीय दंड संहिता के अपराध में आजीवन कारावास के कठोर कारावास और ₹50000 के अर्थदंड से दंडित किया गया अर्थदंड अदा न करने पर अभियुक्त 1 वर्ष की अतिरिक्त सजा देगा दोष सिद्ध अभियुक्त फरहान राईन पुत्र छुटके राइन को अभियोग अंतर्गत धारा 5 बटे 6 लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम के अपराध में आजीवन कारावास के कठोर कारावास एवं ₹50000 के अर्थदंड से दंडित किया किया गया वही स्पेशल जज पास्को ने फरहान राईन को तीन बटे दो वी एससी एसटी एक्ट के अपराध में आजीवन कारावास के कठोर एवं ₹50000 अर्थदंड से भी दंडित किया वही स्पेशल जज पास्को ने उपरोक्त अभियुक्त को अपराध में बिताई गई जेल की अवधि को उक्त सजा में समायोजित किया गया और तीनों अपराधों में दोषी अभियुक्त को आजीवन कारावास से दंडित व सभी सजाएं साथ-साथ चलने का भी आदेश दिया उन्होंने अपने आदेश में लिखा दोस्त अभियुक्त दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 428 का लाभ पाने का अधिकारी होगा दोस्त अभियुक्त का सजाया भी वारंट अभिलंब तैयार करके जिला कारागार भेजा जाए।

( पंकज सिंह राणावत की खास रिपोर्ट  )

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