उत्तर प्रदेश औरैया कारगिल युद्ध मे दुश्मन के बम ब्लास्ट से एक पैर गंवाने वाले करगिल योद्धा का भारत प्रेरणा मंच ने किया सम्मान | ( पंकज सिंह राणावत की खास रिपोर्ट )


( औरैया कारगिल युद्ध मे दुश्मन के बम ब्लास्ट से एक पैर गंवाने वाले करगिल योद्धा का भारत प्रेरणा मंच ने किया सम्मान )
उत्तर प्रदेश औरैया कारगिल युद्ध मे दुश्मन के बम ब्लास्ट से एक पैर गंवाने के बाद भी मेजर योगेंद्र कटियार ने हिम्मत नहीं हारी। अपनी पलटन के साथ लगातार मोर्चा जारी रखा और विजयश्री का पताका फहरा दिया। स्वतंत्रता के अमृत महोत्सव कार्यक्रमों की श्रंखला में भारत प्रेरणा मंच ने रविवार को अपने कार्यालय में मेजर योगेंद्र का सम्मान किया। मेजर योगेंद्र ने बताया कि वह स्वतंत्रता संग्राम सेनानी परिवार से हैं। बिल्हौर क्षेत्र के परबतपुर गांव में उनके परिवार की जमीदारी थी। ब्रिटिश शाशन काल में रोक के बावजूद गांव में तिरंगा फहराने पर फिरंगियों ने उनके बाबा भोलानाथ को लाठियों से पीट कर बेदम कर दिया था। दूसरे ही दिन वंदेमातरम गीत सुनते सुनते उन्होनें प्राण त्याग दिए थे। मेजर योगेंद्र के पिता भी वायुसैनिक थे। मेजर योगेंद्र ने सेना ज्वाइन की। कारगिल युद्ध मे दुश्मन से मोर्चा लेते वक्त दुश्मन के बम ब्लास्ट में उनका एक पैर ज़ख्मी हो गया जिसे बाद में काटना पड़ा। मेजर योगेंद्र अब कृत्रिम पैर के सहारे चलते हैं। रविवार को कानपुर से आगरा प्रवास के दौरान मेजर शहर की संस्था भारत प्रेरणा मंच के कार्यालय पहुंचे। यहां संस्था अध्यक्ष अजय अंजाम, महासचिव अविनाश अग्निहोत्री, कोषाध्यक्ष ममता, सोमेश व इंद्रेश ने उनका प्रतीक चिन्ह, शॉल प्रदान कर व तिलक लगाकर अभिनन्दन किया।कवि अंजाम की कविता, ‘नमन करता है भावों का सतत हे वीर ये चंदन तुम्हारा,बहुत उपकार है हम पर,,सो अभिनन्दन तुम्हारा से माहौल देशभक्ति मय हो गया।

( पंकज सिंह राणावत की खास रिपोर्ट )
