नई दिल्ली चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ बिपिन रावत नहीं रहे। तमिलनाडु के कुन्नूर में बुधवार को हेलीकॉप्टर दुर्घटना में रावत समेत 13 लोगों की मौत जानिए CDS बिपिन रावत का पूरा करियर । ( धन्नजय सिंह की खास रिपोर्ट )

( नई दिल्ली चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ बिपिन रावत नहीं रहे। तमिलनाडु के कुन्नूर में बुधवार को हेलीकॉप्टर दुर्घटना में रावत समेत 13 लोगों की मौत जानिए CDS बिपिन रावत का पूरा करियर )

नई दिल्ली चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ बिपिन रावत नहीं रहे। तमिलनाडु के कुन्नूर में बुधवार को हेलीकॉप्टर दुर्घटना में रावत समेत 13 लोगों की मृत्यु हो गई। हेलिकॉप्टर में रावत और उनकी पत्नी समेत 14 लोग सवार थे।सीडीएस बिपिन रावत ने जीवन का एक बड़ा हिस्सा भारतीय सेना की सेवा में गुजारा।रावत ऊंचाई पर जंग लड़ने के माहिर थे। आइए जानें रावत के करियर और जिंदगी से जुड़ी कुछ अहम बातें सीडीएस बिपिन रावत का जन्म 16 मार्च 1958 को उत्तराखंड के पौड़ी में एक गढ़वाली राजपूत परिवार में हुआ था। रावत 1978 में सेना में भर्ती हुए थे।रावत 2011 में चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय से मिलिट्री मीडिया स्टडीज में पीएचडी की डिग्री हासिल की। रावत को सेना में ऊंचाई पर जंग लड़ने और जवाबी कार्रवाई में माहिर माने जाते थे। 2016 में उरी में सेना के कैंप पर हुए आतंकी हमले के बाद तत्कालीन आर्मी चीफ रावत के नेतृत्‍व में 29 सितंबर 2016 को पाकिस्‍तान में बसे आतंकी शिविरों को ध्‍वस्‍त करने के लिए सर्जिकल स्‍ट्राइक की गई थी।रावत ने इस मिशन को ट्रेंड पैरा कमांडोज के माध्यम से अंजाम दिया था।उरी में सेना के कैंप पर हुए हमले में कई जवानों के शहीद होने के बाद सेना ने पलटवार करते हुए सर्जिकल स्ट्राइक की थी। रावत ने सेना में नौकरी के दौरान एल‌ओसी, चाइना बॉर्डर और नॉर्थ-ईस्ट में एक लंबा समय गुजारा था। रावत ने पहले कश्मीर घाटी में नेशनल राइफल्स में ब्रिगिडेयर और फिर बाद में मेजर-जनरल के तौर पर इंफेंट्री डिवीजन की कमान संभाली।साउथ कमांड की कमान संभालते हुए रावत ने पाकिस्तान से सटी पश्चिमी सीमा पर मैकेनाइजड-वॉरफेयर के साथ-साथ एयरफोर्स और नेवी के साथ बेहतर तालमेल बैठाया।चाइना बॉर्डर पर रावत कर्नल के तौर पर इंफेंट्री बटालियन की कमान भी संभाल चुके हैं। रावत को इंडियन मिलिट्री एकेडमी में सोर्ड ऑफ ऑनर से नवाजा जा चुका है।रावत ने चीफ ऑफ स्टाफ कमेटी के अध्यक्ष के साथ-साथ भारतीय सेना के 27वें सेनाध्यक्ष के रूप में भी सेवाएं दीं। रावत ने 1 सितंबर 2016 को आर्मी के वाइस चीफ का पद संभाला। रावत को 31 दिसंबर 2016 को इंडियन आर्मी के 26वें चीफ की जिम्मेदारी मिली।अशांत इलाकों में काम करने के अनुभव को देखते हुए सरकार ने उन्हें दो वरिष्ठ अफसरों पर तरजीह देते हुए सेना प्रमुख बनाया था। 30 दिसंबर 2019 को बिपिन रावत को भारत के पहले सीडीएस के रूप में नियुक्त किया गया।बिपिन रावत ने 1 जनवरी 2020 को CDS का पदभार ग्रहण किया।

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