बिजनोर जिला थाना स्योहारा इमरान उस्मानी पत्रकार के खिलाफ रचा गया सड़यत्रं पत्रकार पुरे साबूत के साथ उतरा झुठा मुकदमा लिखाने वाले के खिलाफ मैंदान में । ( संध्या सिंह की खास रिपोर्ट )

( बिजनोर जिला थाना स्योहारा इमरान उस्मानी पत्रकार के खिलाफ रचा गया सड़यत्रं पत्रकार पुरे साबूत के साथ उतरा झुठा मुकदमा लिखाने वाले के खिलाफ मैंदान )
बिजनोर जिला स्योहारा ग्राम फैजुल्लापुर पत्रकार इमरान उस्मानी, लगभग 10 वर्ष से करते आ रहे है पत्रकारिता जिनके द्वारा हमेशा पीड़ितो की आवाज़ को बुलंद कर इंसाफ दिलाने का कार्य किया जाता रहा है परंतु कुछ समय पहले इमरान उस्मानी, को पीड़ित पत्रकारो की आवाज़ बुलंद करना प्रमुखता के साथ उजागर करना व अधिकारियों की पोल खोलना भारी पड़ गया। जानकारी के मुताबिक जिला बिजनोर थाना नाजीबाबद नगर में पत्रकार अराफात व अंकित के द्वारा कुछ जुआरियो की सट्टा खेलते वक्त वीडियो बना ली गई जिसके बाद जुआरियो ने नजीबाबाद पुलिस से हमसाज़ होकर दोनो पत्रकारो को झूठे मुकदमे में फँसवाकर जेल भिजवादिया था। जिसकी जानकारी इमरान उस्मानी, पत्रकार को हुई। उस्मानी, ने वो जुआरियो की वीडियो वायरल करदी और प्रशासन के उच्चधिकारियों से पुलिस की शिकायत कर डाली। और दोनों पत्रकारो को इंसाफ दिलाया था। तथा उसके बाद जिला बिजनोर पुलिस के कुछ अधिकारियों ने इमरान उस्मानी से निजी दुश्मनी करली और उस्मानी,पत्रकार के विरुद्ध बड़ा सडयंत्र रच डाला। जिसके बाद किसी अनजान दूसरे जिला अमरोहा की महिला से संगीन धारा में यानी 376 में बिना देर किए थाना स्योहारा से मुकदमा पंजिकर्त कर दिया। जिसके बाद पत्रकार व उनका परिवार दुखी है इंसाफ के लिए इधर उधर लगा रहै है चक्कर। परन्तु नही मिल रहा है पत्रकार को इंसाफ, जबकि पत्रकार के पास अपनी बेगुनाही का सबूत भी मौजूद है घर से निकलते वक्त की वीडियो जो दर्षाती है कि घटना के समय से 2 घण्टे बाद पत्रकार अपने घर से कार्य की और जाते नज़र आ रहे है। आला अधिकारियों ने इस मामले की जांच डी आई जी मुरादाबाद को दी है जिनके द्वारा की जा रही है जांच। परंतु पत्रकार को 22/10/021/ से अभी तक इंसाफ दिलाने का आस्वाशन ही मिलता नज़र आ रहा है। जिसके बाद पत्रकार ने ज़िन्दगी से दुखी होकर और पत्रकारिता से दुखी होकर वीडियो बनाई। वीडियो बनाकर पत्रकार व शासन प्रशासन से इंसाफ की गुहार लगाई।

( संध्या सिंह की खास रिपोर्ट )
