उत्तर प्रदेश आगरा जिले की ताजनगरी में कलयुग में बनी नाबालिग मासूम बेटी श्रवण कुमार मां की दवा के लिए भटक रही दर-दर कहां गये बेटी के रखवाले शाशन व प्रशासन । ( धन्नजय सिंह की खास रिपोर्ट )


( आगरा जिले की ताजनगरी में कलयुग में बनी नाबालिग मासूम बेटी श्रवण कुमार मां की दवा के लिए भटक रही दर-दर कहां गये बेटी के रखवाले शाशन व प्रशासन )
उत्तर प्रदेश आगरा जिले की ताजनगरी के जिला अस्पताल में आजकल 9 साल मासूम बेटी का नाम हर किसी की जुबान पर है। जिस उम्र में बच्चे अपने हाथों से ठीक से खाना नहीं खा पाते हैं,उस उम्र में मासूम अपनी मां का जीवन बचाने के लिए जी जान से जुटी हुई है। घर में खाने के लिए एक दाना नहीं है, लेकिन मासूम अपने छोटे भाई को पालने के साथ अपनी और भाई की पढ़ाई का भी ख्याल रख रही है। बच्ची की पूरा अस्पताल मदद करने में जुटा हुआ है। जानकारी के मुताबिक आगरा के रावली क्षेत्र की मोर गली में रहने वाली 32 वर्षीय कैला देवी प्रजापति को न्यूरो, रीढ़ की हड्डी में दिक्कत और खून की कमी जैसी बीमारी है।कैला देवी का पति उनके बीमार होने पर कई वर्ष पहले छोड़कर चला गया।कैला देवी किराये के मकान में रहती है और वहीं सड़क पर ठेला लगाकर जैसे तैसे नौ साल की बेटी प्रीता प्रजापति और सात साल के सत्यम का पालन पोषण कर रही थी। मां की तबियत बिगड़ी तो बेटी हो गयी बड़ी दो महीने से कैला देवी की तबियत अधिक खराब हो गयी और ठेला भी लगना बंद हो गया।अंगूठा लगाने भी नहीं सकी तो सरकारी राशन भी नहीं मिला।इसके बाद भूख के चलते मासूम प्रीता को खाना बनाना आ गया। दो महीने से मासूम प्रीता घर का सारा काम संभाल रही है और इसके साथ ही अपनी चौथी क्लास की पढ़ाई और भाई की पहली क्लास की पढ़ाई भी करवा रही है।एक सप्ताह पहले जब मां की हालत बहुत बिगड़ गयी तो प्रीता छोटे भाई सत्यम के साथ मां को इलाज के लिए जिला अस्पताल ले गयी। मासूम की गुहार पर अस्पताल के स्टाफ ने खून की व्यवस्था की और आर्थिक मदद भी की है।अभी मासूम को राशन और इलाज के लिए धन की जरूरत है।सीएमएस खुद रख रहे ध्यान । सीएमएस अशोक अग्रवाल ने बताया की महिला काफी बीमार है, हमने खुद व्यवस्था कर के उसको खून चढ़वाया है। आयरन की बोतल चढ़वाई जा रही है और बाकी इलाज का पूरा ख्याल रखा जा रहा है।
