उत्तर प्रदेश कौशांबी मुख्यालय मंझनपुर क्षेत्र पांच वर्ष पहले भी नगर वासियों दिया था वोट नहीं मिल आज तक पानी तरह रहे पानी को क्षेत्रिय जनता में आक्रोश । (शशी भूषण की खास रिपोर्ट )


( कौशांबी मुख्यालय मंझनपुर क्षेत्र पांच वर्ष पहले भी नगर वासियों दिया था वोट नहीं मिल आज तक पानी तरह रहे पानी को क्षेत्रिय जनता में आक्रोश )
उत्तर प्रदेश कौशांबी मुख्यालय मंझनपुर क्षेत्र की जनता को पानी की सुविधा सरकार और उनके विधायक सांसद ने नहीं उपलब्ध कराई है नगर पालिका परिषद मंझनपुर क्षेत्र के विभिन्न मोहल्लों में पानी की दिक्कतें व्याप्त है लोगों को पीने के पानी के लिए आधा किलोमीटर दूर जाना पड़ता है छोटे-छोटे बच्चे आधा किलोमीटर दूर से पानी लाकर अपनी प्यास बुझाते हैं नगर पालिका मंझनपुर क्षेत्र के विकास के लिए योगी सरकार ने अस्सी करोड़ रुपए का बजट एक वर्ष में स्वीकृति कर दिया है लेकिन फिर भी नगरपालिका मंझनपुर क्षेत्र के निवासियों को जीवन की मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल रही है अधिकारियों की मक्कारी के चलते योजनाएं चापलूसी की भेंट चढ़ गई है पूरे क्षेत्र की सड़कें ध्वस्त हैं नालियां चौपट है गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है इतना ही नहीं लोगों को पीने का पानी नहीं मिल रहा हैं जिससे लोगों के बीच योगी सरकार के प्रति जबरदस्त आक्रोश व्याप्त है | मंझनपुर विधानसभा क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी के विधायक लाल बहादुर को विकास के लिए आम जनता ने 5 वर्षों का मौका दिया था लेकिन लाल बहादुर विधायक ने भी आम जनता गरीब कमजोर मजलूम की समस्याओं को नजरअंदाज कर दिया है जिससे आम जनता के बीच जबरदस्त आक्रोश व्याप्त है इसके पूर्व जनता ने बसपा नेता इंद्रजीत सरोज को भी विकास का मौका दिया था लेकिन सब कुछ चकाचौंध में बीत गया बताते चलें कि नगर पालिका परिषद मंझनपुर क्षेत्र के भेलखा गांव के बाहर डेरा पर रहने वाले बलराम लोध के परिवार तक पानी की कोई व्यवस्था नहीं पहुंच सकी है उनके घर से आधा किलोमीटर दूर खेतों की सिंचाई के लिए नलकूप लगाया गया है बलराम लोध के प्यासे छोटे छोटे बच्चे आधा किलोमीटर दूर से पानी भरकर घर लाते हैं तब उनके परिवार में दैनिक उपयोग में पानी की जरूरत पूरी होती है पढ़ाई और खेलने कूदने की उम्र में छोटे छोटे बच्चे परिवार के लिए आधा किलोमीटर दूर से प्रतिदिन पानी की व्यवस्था कर रहे हैं सरकार और उनके जनप्रतिनिधियों के लिए इससे बड़ी शर्म की क्या बात होगी केंद्र और प्रदेश सरकार विकास योजना की बड़ी-बड़ी बात कर रही है लेकिन विधायकों सांसदों की जन विरोधी नीतियों के चलते आम जनता समस्याओं से जूझ रही है नगरपालिका मंझनपुर के अधिकारी भी जनता की मूल समस्याओं के समाधान के प्रति गंभीर नहीं हैं आखिर आजादी के 7 दशक बाद भी यदि आम जनता को पानी की सुविधा सरकार नहीं उपलब्ध करा पा रही है तो किस बात के विकास का ढिंढोरा सरकार और उनके नुमाइंदे पीट रहे हैं यह जनता है सब कुछ जानती है और आने वाले विधानसभा चुनाव में जन विरोधी नेताओं को सबक सिखाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ेगी
