राजस्थान अलवर युवा समाजसेवी फाउंडेशन इंजीनियर नवीन प्रकाश जायसवाल ने सड़क सुरक्षा व सड़क दुर्घटनाओं से बचने के बताए 3 मूल मंत्र त्र खुद बचे दुसरे को बचाये । ( राजकुमार अरोड़ा ब्यूरोचीफ की खास रिपोर्ट अलवर (राजस्थान)

( अलवर युवा समाजसेवी फाउंडेशन इंजीनियर नवीन प्रकाश जायसवाल ने सड़क सुरक्षा व सड़क दुर्घटनाओं से बचने के बताए 3 मूल मंत्र त्र खुद बचे दुसरे को बचाये )
राजस्थान अलवर के निवासी युवा समाजसेवी इंजीनियर नवीन प्रकाश जायसवाल मोटिवेशनल स्पीकर एवं कैरियर कोच , दिशा फाउंडेशन का संस्थापक अध्यक्ष से अलवर में चल रहे सड़क सुरक्षा सप्ताह पर विशेष बातचीत की नवीन जी आपका समाचार Live 24×7 स्वागत करता है। आपकी संस्था के उद्देश्यों को बताते हुए, आप हमारे चैनल के माध्यम से देश व राजस्थान के समाचार देखने वाले दर्शको को आज तक के देश के रहन सहन भागदौड़ वाले हालत को मद्दे नज़र रखते हुए क्या महत्वपूर्ण संदेश देना चाहेंगे । सबसे पहले राजकुमार अरोड़ा जी समाचार Live 24×7 को हम दिशा फाउंडेशन की तरफ से धन्यवाद देते हैं जिन्होंने आज हमें अवसर दिया के हम दिशा फाउंडेशन माध्यम से अब तक लाखों लोग विभिन्न क्षेत्रों स्वास्थ्य शिक्षा, सड़क सुरक्षा, कैरियर गाइडेंस, नशा मुक्ति, अंगदान, स्वच्छ पर्यावरण, जल संरक्षण, प्राकृतिक आपदाओं से सुरक्षा आदि मुद्दों पर लाभान्वित हो चुके हैं. संस्था का उद्देश्य विभिन्न जरूरी एवं सामाजिक मुद्दों पर ज्यादा से ज्यादा लोगों को जागरूक करना है | सड़क सुरक्षा को हम बहुत जरूरी मुद्दा मानते हैं क्योंकि सड़क दुर्घटनाओं के कारण भारत में रोजाना लगभग 500 लोग मृत्यु के शिकार हो जाते हैं एवं हजारों की संख्या में लोग घायल हो जाते हैं कितने ही बच्चे अनाथ हो जाते हैं एवं कितनी ही माता- बहनों का सुहाग उजड़ जाता है इसलिए पुलिस प्रशासन की जागरूकता के साथ साथ स्वयं को भी सड़क सुरक्षा के प्रति सतर्क एवं जागरूक रहना होगा. हमारी संस्था के द्वारा तीन मंत्रों की उत्पत्ति की गई है जोकि आसानी से याद रह सकते हैं एवं उनका अनुसरण करके अपने आप को सुरक्षित रख सकते हैं जिसमें पहला मंत्र है ‘पहले आप’ इसका मतलब है कि अगर आप सड़क पर चल रहे हैं और अगर आपको लगता है कि सामने वाला व्यक्ति बहुत जल्दबाजी दिखा रहा है तो आप अपने मन में विचार कर लीजिए कि इसको ज्यादा जल्दी है इसको जाने दीजिए आप थोड़ा सा धैर्य रखिए और उसके बाद निकलिए दूसरा मंत्र है ‘5 मिनट और सही’ इसका मतलब है कि अगर हम किसी सफर को 1 घंटे में पूरा करते हैं और अगर हम सभी ट्रैफिक नियमों का अनुसरण करें तो ज्यादा से ज्यादा हमारा 5 मिनट और अतिरिक्त लगेगा लेकिन यह 5 मिनट आपको अपने गंतव्य तक सुरक्षित पहुंचाने में बहुत मदद करेगा. तीसरा मंत्र है ‘मैं भी ड्राइवर’ यह बहुत ही अच्छा मंत्र है इसका मतलब है कि अगर आप गाड़ी नहीं चला रहे हो लेकिन किसी के साथ गाड़ी में या बाइक पर बैठे हैं तब भी आप सतर्क होकर बैठे हैं अगर आपको लगता है की ड्राइवर गाड़ी ठीक ढंग से नहीं चला रहा है, ट्रैफिक नियमों का अनुसरण नहीं कर रहा है या दारू पीकर गाड़ी चला रहा है तो उसको रोकिए एवं समझाइए क्योंकि अगर आप उसको नहीं समझाएंगे तो दुर्घटना का शिकार आप भी हो सकते हैं. अगर ड्राइवर गाड़ी अच्छे से चला रहा है तब उसको रोक टोंक नहीं करनी है लेकिन अगर नियमों का पालन नहीं कर रहा है तब उसको समझाना बहुत जरूरी है अगर हम इन तीन मंत्रों को अपने मन में याद रख कर सड़क पर चलें तो हम आपको विश्वास दिलाना चाहते है कि इससे लगभग 80% तक सड़क दुर्घटनाएं कम हो जाएंगी क्योंकि अधिकतर सड़क दुर्घटनाएं हम लोगों की मानवीय गलतियों की वजह से होती है अलवर में भी विभिन्न स्कूल, कॉलेजों एवं ऑफिसों में निशुल्क सेमिनार आयोजित कर चुके हैं जिसका लाभ अलवर के निवासियों को मिल रहा है ।

( राजकुमार अरोड़ा ब्यूरोचीफ अलवर (राजस्थान)
