उत्तर प्रदेश बाराबंकी देवा शरीफ में एक ऐसी दरगाह है, जहां सभी धर्मों के लोग मिलकर हर साल होली खेलने आते जहाँ बरसो से होली का पर्व बड़े धूमधाम मनाया जाता है |  ( रिपोट सुजीत कुमार की खास खबर )

( बाराबंकी देवा शरीफ में एक ऐसी दरगाह है, जहां सभी धर्मों के लोग मिलकर हर साल होली खेलने आते जहाँ बरसो से होली का पर्व बड़े धूमधाम मनाया जाता है )

उत्तर प्रदेश बाराबंकी से 12 किमी दूर देवा शरीफ में एक ऐसी दरगाह है, जहां सभी धर्मों के लोग मिलकर हर साल होली खेलते हैं. ये दरगाह सूफी संत हाजी वारिस अली शाह की है यहां की होली विश्व प्रसिद्ध है, यहां होली खेलने के लिए होली के दिन देश के कोने-कोने से सभी धर्मों के मानने वाले आते हैं ये होली का प्रोग्राम सरकार सूफी वारिस अली शाह के दौर से ही चला आ रहा है लोगों का कहना है कि हुज़ूर वारिस पाक देवा से अगर बाहर भी हुआ करते थे तो होली के दरमियान आप देवा आ जाया करते थे और जो उनके मानने वाले, अनुयायी, शिष्य जब होली पर आपके पास आते तो आप भी उनके साथ होली खेला करते थे ओर उनको त्यौहार की मुबारक बात भी दिया करते थे । उन्ही के नक्शे कदम पर चलते हुए यह परंपरा आज तक दरगाह पर जारी है ओर यह होली यहाँ की वारसी कमेटी द्वारा मनाई जाती है जिसके चैयरमेन साहेबे आलम वारसी है ओर इस होली को जो सरकार वारिस अली शाह के आस्ताने आलिया में खेली जाती है उसे देखने और खेलने हिंदुस्तान के बिहार, दिल्ली, राजस्थान, मध्यप्रदेश आदि प्रांतो से लोग आते है | ऐसा वहां के स्थानीय लोगो का कहना है जो एक बार आता है वो बार-बार इस होली में ज़रूर आने की कोशिश करता है। उक्त जानकारी स्थानीय पत्रकार प्रताप जायसवाल देवा द्वारा शामगढ के रेलवे में कार्यरत आबिद हुसैन को दी गई जो कि होली का ये पर्व मनाने के लिए शामगढ से सपरिवार देवा पहुँचे |

 ( रिपोट सुजीत कुमार की खास खबर )

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