राजस्थान ( अलवर प्रताप पलटन क्षेत्र में धोबी गट्टा के बच्चे दो साल से बंद पड़े चुंगी वाले हनुमानजी मंदिर का रास्ता खुलवाने को लेकर बच्चों ने हनुमान बनकर तुलाराम सर्किल पर किया रोड जाम । ( राजकुमार अरोड़ा ब्यूरो चीफ की खास रिपोर्ट )

( अलवर प्रताप पलटन क्षेत्र में धोबी गट्टा के बच्चे दो साल से बंद पड़े चुंगी वाले हनुमानजी मंदिर का रास्ता खुलवाने को लेकर बच्चों ने हनुमान बनकर तुलाराम सर्किल पर किया रोड जाम )
राजस्थान अलवर शहर के धोबी गट्टा क्षेत्र के बच्चे बजरंग बली बनकर रोड पर आ गए। उनके साथ बड़ी संख्या में महिला-पुरुषों ने आकर सड़क को जाम कर दिया। मामला प्रताप पलटन में शिव-हनुमान मंदिर का रास्ता खुलवाने का है। जो दो साल से बंद है। इस कारण शुक्रवार को राव तुलाराम सर्किल पर जाम लगा दिया। अनेक बच्चे बजरंगबली बनकर पहुंचे थे। हाथ में गदा और जय श्रीराम के नारे लगाते बच्चों ने कहा कि दो साल से चुंगी वाले हनुमान मंदिर का रास्ता बंद है। उसे खुलवाया जाए। महिलाओं ने कहा कि सब जगहों के मंदिर खुले हैं तो उनका बंद क्यों। सेना की तारबंदी के कारण मंदिर जाने का रास्ता बंद है। प्रशासन के आश्वासन के बाद भी रास्ता नहीं खुला तो रोड जाम कर दिया। पूर्व में रास्ता खुलवाने की मांग को लेकर कलक्टर के चैम्बर के बाहर 18 दिन पहले अलवर नगर परिषद के वार्ड 3 व 4 के लोग कलेक्ट्रेट पहुंचे थे। वहां कार्यवाहक कलक्टर वंदना खोरवाल के चैम्बर के बाहर धरना दिया था। उस समय कार्यवाहक कलक्टर ने 10 दिन का समय दिया था। लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। इस कारण अब वापस यहां के लोग विरोध जताने के लिए रोड जाम करने पहुंच गए। वार्ड पार्षद भी आए यहां आए लोगों ने कहा कि 2 साल पहले सेना ने खुद की जमीन पर तारबंदी की। वहां शिव-हनुमान मंदिर बना हुआ था। सालों से लोग पूजा करते आ रहे हैं। लेकिन दो साल पहले सेना ने जमीन पर पूरी तारबंदी कर दी। जब तारबंदी की तो यह कहा था कि मंदिर के लिए रास्ता छोड़ देंगे। लेकिन ऐसा नहीं किया गया। उसके बाद से ही आमजन का मंदिर जाने का रास्ता बंद हैं। मंदिर का रास्ता खुलवाने के लिए वार्ड के लोग धरने पर भी बैठे हैं।
पहले 15 दिन का समय दिया
वार्ड के लोग पहली बार कलक्ट्रेट पहुंचे तो उनको 15 दिन का समय दिया गया था। दूसरी बार में 10 दिन का समय दिया। लेकिन मंदिर का रास्ता नहीं खुला है। इस कारण अब रोड जाम किया गया है। उस समय एडीएम सिटी ने कहा था कि सेना की जमीन का मामला है। फाइल केंद्र सरकार तक जाएगी। उसके बाद समाधान निकलेगा। जिसके लिए हम प्रयास कर रहे हैं।

( राजकुमार अरोड़ा ब्यूरो चीफ की खास रिपोर्ट )
