मिर्जापुर नवरात्रि के दुसरे दिन पहुंचे मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ मां विंध्यवासिनी के धाम हुई फूलों की वर्षा गुंज उठी योगी सरकार की जय जय कार । ( पंकज झां की खास रिपोर्ट )


( मिर्जापुर नवरात्रि के दुसरे दिन पहुंचे मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ मां विंध्यवासिनी के धाम हुई फूलों की वर्षा गुंज उठी योगी सरकार की जय जय कार किया मां विन्ध्यवासिनी का दर्शन )
मिर्जापुर मुख्यमंत्री की गद्दी पर पावर-किंग बन कर उभरे श्री योगी आदित्यनाथ अपनी दूसरी पारी में धार्मिक शक्तियों से तालमेल मिलाते पूरे ब्रह्मांड की शासिका मां विंध्यवासिनी धाम में दिखाई दिए। दूसरी पारी में दर्शन करने वे मंदिर में भी दूसरी पारी में आकर मत्था टेका। विंध्यधाम में पारी का भी बड़ा महत्त्व है। अलग-अलग पारी में अलग-अलग रूपों में देवी पूजी जाती हैं जबकि तीर्थपुरोहितों की भी पारी बदलती रहती है। मां विन्ध्यवासिनी धाम में पहली पारी 12 बजे मध्याह्न तक तथा दूसरी पारी डेढ़ बजे अपराह्न से शुरू होती है। इसी पारी में लगभग 3 बजे वे आए।
नवरात्र के दर्शनार्थी टकटकी लागाकर देख रहे थे गोरखनाथ पीठ के महंत को
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नवरात्र का दूसरा दिन था लेकिन संयोगवश भीड़ रविवार के बावजूद बेमिसाल नहीं रही। जबकि छुट्टी के दिनों में दर्शनार्थियों के महासमुद्र का ज्वार उमड़ता है तो सारी की सारी व्यवस्था ध्वस्त हो जाती रही है ।
नवरात्र की अवधि और 9 मिनट
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नवरात्र का अवसर होने के नाते धर्म-विज्ञ योगी आदित्यनाथ के मन में हाजिरी लगाते समय यह ख्याल दिखा कि जनसमूह को दर्शन में बाधा न पड़े लिहाज़ा अधिकतम वे 9 मिनट में दर्शन-पूजन कर मंदिर क्षेत्र से बाहर आ गए।
मंदिर पर परिक्रमा नहीं किए
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नवरात्र में मंदिर पर बैरिकेडिंग की वजह से योगी ने परिक्रमा नहीं की जबकि पहली बार के कार्यकाल में जब वे आए थे तो परिक्रमा भी उन्होंने की थी। उस वक्त नवरात्र का अवसर नहीं था जबकि इस बार नवरात्र की वजह से वे खुद सजग थे।
बस चलते ही रहे, कहीं बैठे नहीं
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मोतीझील की ओर से जब वे मंदिर परिक्षेत्र में आए तो ‘इंट्री-गेट’ पर फूलों की वर्षा होने लगी। इतना ही नहीं बल्कि शंख-ध्वनि, नगाड़े के साथ ढोल-तासा बजने लगा । नगर विधायक एवं तीर्थपुरोहित रत्नाकर मिश्र ने सर्वप्रथम आगवानी की तो विंध्यपंडा समाज के अध्यक्ष पंकज द्विवेदी 11 कर्मकांडी पुरोहितों के साथ स्वस्तिवाचन मंत्र पढ़ने लगा। यहीं द्वार पर वातावरण और भी धार्मिक हो ही गया।
माँ विंध्यवासिनी का शेर आया
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नवरात्र में अधिकतम 15 मिनट के लिए आमजनों को जब रोका गया तब वे भी रुकने में रुचि लेते दिखाई पड़े। क्योंकि वे मुख्यमंत्री का दीदार चाहते थे। इसी भीड़ से ‘देखो देखो कौन आया?’ का जब प्रश्न नारे के रूप में उछला तो उसका जवाब भी भीड़ से ही आया कि ‘मां विंध्यवासिनी का शेर आया’ सुनाई पड़ा। इन परिदृश्यों से मुख्यमंत्री मुस्कुराते दिखे।
कॉरिडोर पर नजर पर बात नहीं हो सकी
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वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों से लेकर कॉरिडोर में लगे PWD के बड़े आफिसर और खुद नगर विधायक को उम्मीद थी कि कॉरिडोर पर कुछ चर्चा होगी लेकिन डेढ़ घण्टे विलंब से आने के कारण इस टॉपिक पर कोई बात नहीं हुई और यहां तक कि आधे घण्टे के लिए कमिश्नरी में होने वाली बैठक भी स्थगित हो गई। जबकि कमिश्नरी को सुबह 9 बजे से ही चमकाने और सुसज्जित करने में कमिश्नर योगेश्वरराम मिश्र ने सारा योग कर दिया था। यहां तक कि कमिश्नरी के बाहर सड़क और ओवर-ब्रिज को धो-पोछ कर चमकाया गया था।
मंदिर तक सिर्फ तीन गाड़ियां ही जा सकीं
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मुख्यमंत्री की खुद की गाड़ी, सिक्योरिटी की आगे पीछे गाड़ी के अलावा किसी ऑफिसर की भी गाड़ी मंदिर तक नहीं गई। कमिश्नर, एडीजीपी, डीआईजी, डीएम और एसपी सभी पुलिस लाइन हेलीपैड पर रिसिभ करने के बाद विन्ध्याचल योगी आदित्यनाथ के पहले पहुंच गए तथा यहां भी उन्हें सैल्यूट किया।
