अंबेडकर नगर कलांतर समाजसेवी संस्था द्वारा नई दिल्ली में देश भर के कैदियों की राष्ट्रीय स्तर की नाट्य प्रतियोगिता का किया गया आयोजन अंबेडकर नगर जिला जेल को प्राप्त हुआ प्रथम पुरस्कार । ( ज्ञान प्रकाश की खास रिपोर्ट )


( अंबेडकर नगर कलांतर समाजसेवी संस्था द्वारा नई दिल्ली में देश भर के कैदियों की राष्ट्रीय स्तर की नाट्य प्रतियोगिता का किया गया आयोजन अंबेडकर नगर जिला जेल को प्राप्त हुआ प्रथम पुरस्कार )
अंबेडकर नगर कलांतर समाजसेवी संस्था द्वारा राष्ट्रीय स्तर की नाट्य प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। जिसमें देश भर के 1382 जेलों में निरुद्ध कैदियों ने प्रतिभाग किया। नाटिका की थीम थी “उफ़्फ़ ये भ्रष्टाचार” । इसमें अंबेडकरनगर जिला जेल को प्रथम पुरस्कार प्राप्त हुआ। प्रस्तुत नाटक में ग्राम पंचायत द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना में हो रहे भ्रष्टाचार को प्रदर्शित किया गया था। जिसमें कैदी निखिल ने रामू का रोल अदा किया, इसी प्रकार मोहम्मद तारिक ने रामू की पत्नी, दीपक ने लड्डू , अर्जुन सिंह ने सरपंच ठाकुर खूंखार सिंह, आकाश ने ठाकुर के सेवक का रोल अदा किया। वहीं मोहम्मद असलम ने एनाउंसर रामखेलावन, विकास ने लाला लालची राम, विनय ने लाला के नौकर का तथा शिवम ने सचिव का, शैलेश ने कर्मचारी का, संदीप ने गांव वाले सोनू का रोल अदा किया। यह सभी कलाकार अंबेडकरनगर जिला जेल में निरुद्ध थे। ऑडिटोरियम में मौजूद दर्शकदीर्घा में उपस्थित गणमान्य दर्शकों ने इन सभी कलाकारों की हौसलाअफ़जा़ई के लिए खूब तालियां बजाईं। प्रथम पुरस्कार मिलने के बाद अंबेडकरनगर जेल के कलाकारों ने जेल के स्टाफ़ और अधीक्षक हर्षिता मिश्रा का दिल से आभार व्यक्त किया। गौरतलब है कि इस नाटक के निर्देशन, कलाकारों के चयन, पटकथा लेखन, मंचसज्जा, फिल्मांकन, दृश्यक्रम तथा संपादन का कार्य जेल अधीक्षक हर्षिता मिश्रा ने स्वयं ही किया था, और इसमें डिप्टी जेलर श्री राजेश व जेल वार्डर श्री अनुभव चौहान ने काफी़ रुचिपूर्वक सहयोग किया था। दिल्ली में हुए कार्यक्रम की जानकारी को साझा करते हुए जेल अधीक्षक हर्षिता मिश्रा ने बताया कि उच्चाधिकारियों द्वारा यह सूचना दिसम्बर 2021 में मिली थी। जिसके बाद जेल में निरुद्ध कैदियों से इस पर बातचीत की गई। कैदी काफी़ उत्साहित नज़र आए और जेल में नाटक का रिहर्सल शुरू किया गया। उन्होंने आगे बताया कि जेल में अलग-अलग मामलों में कैदी आते हैं और अलग-अलग बैरकों में रहते हैं, इस प्रकार के कार्यक्रम से उनको समाज की मुख्यधारा से जुड़ने का एक अवसर मिला और जीवन के प्रति उनका दृष्टिकोण भी बदला। कलांतर संस्था के आयोजकों ने बन्दियों के बढ़ चढ़कर देश भर के स्कूली बच्चों को टक्कर देने के इस जज़्बे को सलाम करते हुए देश भर की जेलों की सलाखों के पीछे बंद कैदियों के लिये आगामी समय में एक पृथक आयोजन कराए जाने का संकल्प लिया। जिसके शुभारंभ हेतु सिरीफो़र्ट सभागार में श्रीमती मिश्रा को सम्मानित करते हुए आमंत्रित किया। “कारागार के कलाकार” नामक ध्वज के ताले अब से इन प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा, जिसमें केवल देश भर के कैदी ही प्रतिभाग करेंगे। उन्होंने बताया कि रिहर्सल के दौरान एक दिन रात हो गई तो बैरक में जाते वक्त एक कैदी ने कहा कि आज 2 साल बाद वह काली रात और तारे देख रहा है जा़हिर सी बात है कि जेल में बंद कैदियों को समाज की मुख्यधारा में लाने का उत्तर प्रदेश में जेल अधीक्षक हर्षिता मिश्रा द्वारा यह अनूठा प्रयास किया जा रहा है। बंदियों की ओर से जीत के प्रमाणपत्र व ट्रॉफी श्रीमती मिश्रा ने प्रसिद्ध हास्य अभिनेता राजू श्रीवास्तव के द्वारा प्राप्त किये।
