अम्बेडकर नगर जिला जेल पुलिस ने सराहनीय कार्य पुलिस द्वारा सीता नवमी के शुभ अवसर समस्त बंदियों व जेल से रिहा कराने आये परिजनो को शर्बत किया गया विचरण। ( ज्ञान प्रकाश की खास रिपोर्ट )

( जिला जेल पुलिस ने सराहनीय कार्य पुलिस द्वारा सीता नवमी के शुभ अवसर समस्त बंदियों व जेल से रिहा कराने आये परिजनो को शर्बत किया गया विचरण )

अंबेडकर नगर सीता नवमी के उपलक्ष्य में अंबेडकर नगर जिला जेल में समस्त बंदियों, समस्त स्टाफ़, राहगीरो, रिहाई लेने आये बंदियों के परिवारीजनों को शर्बत वितरण किया गया। कारागार मंत्री धर्मवीर प्रजापति द्वारा दिये निर्देशों के अनुपालन में अम्बेडकरनगर जेल प्रशासन द्वारा सीता नवमी के मौके पर जिला जेल में शरबत वितरण कराया गया ।कार्यक्रम के आयोजन हेतु बंदियों ने जेल अधीक्षक का आभार जताया। सीता नवमी का महत्व भगवान राम को विष्णु का अवतार माना गया है और माता सीता को लक्ष्मी का। सीता नवमी के दिन वे घरा पर अवतरित हुई थीं। इस दिन माता सीता की पूजा श्रीराम के साथ करने पर श्रीहरि और मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है। मान्यताओं के अनुसार, सीता माता की पूजा करने से व्यक्ति के जीवन में कभी किसी चीज की कमी नहीं रहती है और जीवन के सभी कष्ट दूर होते हैं। इस दिन विधि-विधान से माता सीता व राम की पूजा करने से 16 महान दानों का फल, पृथ्वी दान का फल और समस्त तीर्थों के दर्शन का फल मिलता है।भूमि से हुआ माता जानकी का जन्मपौराणिक कथाओं के अनुसार, वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को महाराज जनक संतान प्राप्ति के लिए यज्ञ की भूमि तैयार कर रहे थे। इसके लिए वह हल से भूमि जोत रहे थे, तभी एक बालिक का प्राकट्य हुआ। जोती हुई भूमि और हल की नोक को भी सीता कहा जाता है इसलिए उस बालिका का नाम सीता रखा गया और इस पर्व को जानकी जयंती के नाम से जाना गया। माता सीता का विवाह अयोध्या के राजकुमार श्रीराम के साथ हुआ था और उनके दो पुत्र भी थे, जिनको लव और कुश के नाम से जाना जाता है।

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