उत्तर प्रदेश औरैया फफूंँद हिंदुस्तान की प्रसिद्ध ख़ानक़ाह आस्ताना आलिया समदिया में सूफी संत सैयद अकबर मियां चिश्ती की सालाना फातिहा बड़े ही धूमधाम व अक़ीदत के साथ हुई फातिहा सैंकड़ों की संख्या में मुरीदो ने पहुँच मांगी दुआएँ । ( पंकज सिंह राणावत की खास रिपोर्ट )


( औरैया फफूंँद हिंदुस्तान की प्रसिद्ध ख़ानक़ाह आस्ताना आलिया समदिया में सूफी संत सैयद अकबर मियां चिश्ती की सालाना फातिहा बड़े ही धूमधाम व अक़ीदत के साथ हुई फातिहा सैंकड़ों की संख्या में मुरीदो ने पहुँच मांगी दुआएँ )
उत्तर प्रदेश औरैया फफूंँद मंगलवार को हिंदुस्तान की प्रसिद्ध ख़ानक़ाह आस्ताना आलिया समदिया में सूफी संत सैयद अकबर मियां चिश्ती की सालाना फातिहा बड़े ही धूमधाम व अक़ीदत के साथ हुई फातिहा में नगर व क्षेत्र के सैंकड़ों की संख्या में मुरीदो ने पहुँच दुआएँ मांगी।पिछले दो सालों से सूफी संत अकबरुल मशाइख़ की सालाना फातिहा में कोरोना के कारण बाहर से उनके मुरीद नहीं आ सके थे इसबार ख़ानक़ाह आस्ताना आलिया समदिया फफूंद शरीफ में अकबरुल मशाइख़ की सालाना फातिहा बड़े ही अक़ीदत व धूमधाम के साथ हुई।ज़ुहर की नमाज़ के बाद ख़ानक़ाह में क़ुरान ख्वानी हुई उसके बाद तक़रीरी प्रोगाम हुआ जिसमें मदरसा जामिया समदिया के प्राचार्य मुफ़्ती अनफ़ासुल हसन चिश्ती ने लोगों को सूफी संत सैयद अकबर मियां चिश्ती के ज़ाहिरी जिंदगी के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि अकबरुल मशाइख़ ने अपनी सारी जिंदगी अल्लाह और उसके नबी की सुन्नत के मुताबिक गुज़ारी और हर कदम पर शरीयत की पाबंदी की।तक़रीरी प्रोग्राम के बाद असर की नमाज़ हुई नमाज़ के बाद सूफी संत अकबरुल मशाइख़ की सालाना फातिहा हुई फातिहा में नगर व क्षेत्र के अलावा दूसरे जनपद से हजारों की संख्या में मुरीदों ने पहुँच दुआएँ मांगी और अपनी नेकियों में इज़ाफ़ा किया।

( पंकज सिंह राणावत की खास रिपोर्ट )
