बदायूं 8 साल पुराने हत्या के मामले में दोषी भाई-बहनों को किशोर न्याय बोर्ड ने दोषी पाये जाने पर मिली अनोखी सजा 7 दिन की बृद्ध आश्रम में सेवा करने की सजा व 10/10 हजार का हुआ जुर्माना। ( धन्नजय सिंह की खास रिपोर्ट)


( बदायूं 8 साल पुराने हत्या के मामले में दोषी भाई-बहनों को किशोर न्याय बोर्ड ने दोषी पाये जाने पर मिली अनोखी सजा 7 दिन की बृद्ध आश्रम में सेवा करने की सजा व 10/10 हजार का हुआ जुर्माना )
बदायूं उत्तर प्रदेश के बदायूं में आठ साल पहले फायरिंग हुई थी। फायरिंग में एक बुजुर्ग की मौत हो गई थी। इस मामले में नामजद एक किशोर और दो किशोरियों को कोर्ट ने अनोखी सजा सुनाई है।किशोर न्याय बोर्ड ने दोषी पाए मिले किशोर को 15 दिन और दोनों किशोरियों को 7 दिन वृद्धा आश्रम में सेवा दान करने की सजा सुनाई आदेश है।इसके साथ ही इन सभी पर 10 -10 हजार रुपए का आर्थिक दंड भी लगाया है।ये तीनों रिश्ते में भाई-बहन हैं।आपको बता दें कि मामला जिले के दातागंज क्षेत्र का है।25 जुलाई 2014 को एक बुजुर्ग के ऊपर फायरिंग हुई थी।इस संबंध में पुलिस में दर्ज एफआईआर में प्रेमपाल ने बताया था कि वह अपने घर के बाहर था।उसी दौरान उनके बेटे वीरेंद्र से इन तीनों का किसी बात को लेकर झगड़ा हो गया।इसके बाद इन तीनों ने उन पर, दामाद वीरेंद्र, बेटी कुमकुम और समधी विजेंद्र पर ईंट-पत्थर चलाए और फिर जान से मारने की नियत से फायरिंग की।फायरिंग में गोली लगने से प्रेमपाल के समधी विजेंद्र घायल हो गए थे।ऐसे में शुरुआत में हत्या के प्रयास की एफआईआर दर्ज कराई गई।इलाज के दौरान विजेंद्र ने दम तोड़ दिया।इससे बाद ये मुकदमा हत्या में बदल गया। पुलिस ने इस मामले में एक किशोर और दो किशोरियों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की थी।पुलिस ने इन सभी के खिलाफ चार्जशीट लगाते हुए नाबालिगों को किशोर न्यायालय बोर्ड भेजा था।इस मामले की सुनवाई करते हुए किशोर बोर्ड की न्यायाधीश आंचल अधाना, सदस्य प्रमिला गुप्ता और अरविंद कुमार ने इन सभी को सुधार गृह में बिताई गई अवधि के बराबर ही सजा सुनाई। ऐसे में इन्हें अब सुधार गृह में और ज्यादा दिन बिताने की जरूरत नहीं रही।कोर्ट के आदेश के मुताबिक, इन तीनों को अब वृद्धा आश्रम में सेवा दान देना होगा।
