गोंडा सावन के पावन पर्व पर गोला गोकरननाथ में श्रद्धालु कांवरियों के लिए फलाहार भंडारे का किया गया आयोजन। ( निशिथ कुमार श्रीवास्तव की खास रिपोर्ट )


( गोंडा सावन के पावन पर्व पर गोला गोकरननाथ में श्रद्धालु कांवरियों के लिए फलाहार भंडारे का किया गया आयोजन )
गोला गोकरननाथ गुरुवार से प्रारंभ पवित्र सावन माह में पूरे देश भर में छोटी काशी के नाम से प्रसिद्ध गोला गोकरण नाथ स्थित पौराणिक शिव मंदिर में लाखों शिव भक्त जलाभिषेक को आते हैं यही नहीं लाखों शिवभक्त हरिद्वार फर्रुखाबाद बदायूं आदि स्थानों से कावर में गंगाजल भरकर गोला आते हैं और शिव जी का जलाभिषेक करते हैं इसी क्रम में गोला नगर से 2 किलोमीटर पहले कंजा ग्राम में शिव भक्तों द्वारा बरम बाबा हनुमान मंदिर का जीर्णोद्धार और सौंदर्यीकरण करवाने के बाद यहां 2 जून 2013 को द्वादश ज्योतिर्लिंग शिवलिंग की स्थापना के लिए भूमि का पूजन किया गया और 30 अप्रैल 2015 वैशाख शुक्ल द्वादशी संवत 2072 को यहां द्वादश ज्योतिर्लिंग की शिव परिवार समेत स्थापना की गई सावन माह में फर्रुखाबाद से कांवड़ में गंगाजल लेकर छोटी काशी गोला आने वाले लाखों शिवभक्त इस पवित्र स्थान पर रुक कर विश्राम करते हैं स्नान ध्यान करते हैं यहां चलने वाले मासिक फलाहार भंडारे में भोजन ग्रहण करते हैं और द्वादश ज्योतिर्लिंग की पूजा करने के उपरांत छोटी काशी गोला को रवाना होते हैं | शिव भक्तों का कहना है शिवजी के जलाभिषेक द्वादश ज्योतिर्लिंग के दर्शन अत्यंत मनोहारी और शुभदाई हां इस पवित्र स्थान की देखरेख यहां के प्रमुख सेवादार राजेश गुप्ता गुड्डन और अवधेश जायसवाल अपने साथियों के साथ करते हैं कंजा देवस्थान बरम बाबा हनुमान मंदिर के प्रमुख सेवादार राजेश गुप्ता गुड्डन और अवधेश जायसवाल ने बताया यहां पिछले 8 वर्षों से कांवरियों के लिए नगर निवासियों के सहयोग से दिन रात फलाहारी भंडारा चलता रहता है सावन माह के प्रथम दिन 14 जुलाई गुरुवार को सुबह 10:00 बजे कांवरियों के लिए फलाहारी भंडारे का शुभारंभ कर दिया जाएगा जिसमें सुबह से देर रात तक थके मांदे कांवरियों के लिए स्नान ध्यान विश्राम के साथ ही फलाहारी भोजन की व्यवस्था रहेगी |

( निशिथ कुमार श्रीवास्तव की खास रिपोर्ट )
