उत्तर प्रदेश औरैया थाना सदर कोतवाली क्षेत्र में विगत दिनों व्यापारी नेता, व पत्नी,पुत्र,की संदिग्ध अवस्था में कमरे में पड़े मिले शव बन गया चर्चा का विषय अभी तक नहीं हुआ खुलासा जांच में जुटी पुलिस। ( पंकज सिंह राणावत की खास रिपोर्ट )


( औरैया थाना सदर कोतवाली क्षेत्र में विगत दिनों व्यापारी नेता, व पत्नी,पुत्र,की संदिग्ध अवस्था में कमरे में पड़े मिले शव बन गया चर्चा का विषय अभी तक नहीं हुआ खुलासा जांच में जुटी पुलिस )
उत्तर प्रदेश औरैया कोतवाली क्षेत्र के गुरुहाई मुहाल के रहने वाले और प्रकाश चंद्र महाविद्यालय के प्रबंधक संदीप पोरवाल उम्र (48), पत्नी मीरा पोरवाल (46) और बड़ा बेटा शिवम (26) का शव घर कमरे में पड़ा मिला। पुलिस और फॉरेंसिक टीम छानबीन करने में जुटी हुई है। फिलहाल अभी मौत का कारण पता नहीं चला है। परिवार वालों के मुताबिक, “दंपती और बेटे में कई दिनों से अनबन चल रही थी। “परिवार वालों ने बताया कि घर की तीसरी मंजिल पर व्यापारी संदीप, पत्नी मीर का एक कमरे में शव पड़ा था जबकि बड़ा बेटा शिवम अलग कमरे में शव मिला। सभी अलग-अलग कमरे में रहते थे। दूसरी मंजिल पर छोटा बेटा ओमजी एक कमरे में रहता है। ओमजी इंटरमीडिएट का छात्र है। घटना के बाद से उसकी हालत खराब है। वह लगातार रो रहा है। बुधवार रात 10:30 तक घर में सब ठीक था घर के लोगों ने बताया, “बुधवार की रात 10.30 बजे फोन पर संदीप से कॉलेज के कुछ लोगों ने बात की। साथ ही व्यापार को लेकर अन्य लोगों से भी फोन पर बात हुई। तब तक ऐसा कुछ नहीं था। जिनसे बात हुई वह लोग बताते हैं कि ऐसा लगा ही नहीं कि ऐसी घटना हो जाएगी। घटना रात के 2 या 3 के बीच की है। जब सब गहरी नींद में थे। घर में किसी को गोली चलने की आवाज तक नहीं सुनाई दी। परिवार के लोग इस बारे में कुछ भी नहीं बता रहे । लेकिन व्यापारी के साथ काम करने वाले लोगों का कहना है कि संदीप की बड़े बेटे से अनबन रहती थी। वह उससे परेशान भी थे। दरअसल, पिता सतीश अपने बेटे शिवम के आचरण को लेकर दुखी रहते थे। शिवम घटना से एक दिन पहले अपने पिता के कॉलेज में बीएड के छात्रों को पढ़ाने गया था। पिता ने ही उसको पढ़ाने के लिए भेजा था। पुलिस ने परिजनों से बात की, लेकिन घटना को लेकर कोई कुछ बता नहीं पा रहा है। पुलिस ने कमरे को सील कर दिया है। फोरेंसिक टीम को जांच के लिए बुलाया गया है। सीओ सिटी सुरेंद्र नाथ का कहना है कि देर रात गोली चली है, सभी गहरी नींद हो सकते हैं। कमरों के दरवाजे भी बंद थे। इसलिए गोली चलने की आवाज सुनाई नहीं दी होगी। पुलिस जांच में जुटी है कि किसने पहले दो को गोली मारकर खुद को गोली मारी या फिर कोई बाहरी आकर वारदात को अंजाम दे गया। सभी बिंदु पर पड़ताल की चल रही है। एडीजी भानु भास्कर भी मौके पर पहुंचे व घटनास्थल पर स्वयं पहुचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया तथा घटना की गहनता से जांच हेतु सम्बन्धित अधिकारीगण को दिशा-निर्देश दिये । व्यापारी सतीश पोरवाल, प्रकाश, प्रदीप और संदीप चारों भाई का मकान एक ही गली में अगल-बगल है। संदीप पोरवाल प्रकाश चन्द्र महाविद्यालय में प्रबंधक भी थे। एलपीजी पंप से लेकर ईंट भट्टा तक है।

( पंकज सिंह राणावत की खास रिपोर्ट )
