उत्तर प्रदेश वाराणसी काशी में गणेश शंकर मिश्र द्वारा बनाया गया संगीतमय दुनिया का सबसे बड़ा तबला 15 शाल से अधिक लग गया बनाने में गिनीज आफ वर्ल्ड रिकॉर्ड दर्ज कराने का किया जा रहा प्रयास । ( धन्नजय सिंह की खास रिपोर्ट

 

(वाराणसी काशी में गणेश शंकर मिश्र द्वारा बनाया गया संगीतमय दुनिया का सबसे बड़ा तबला 15 शाल से अधिक लग गया बनाने में गिनीज आफ वर्ल्ड रिकॉर्ड दर्ज कराने का किया जा रहा प्रयास )

वाराणसी देश की सांस्कृतिक राजधानी काशी पूरी दुनिया में विख्यात है।काशी किसी के पहचान की मोहताज नहीं है।काशी अद्भुत है।तबले तो आपने बहुत देखे होंगे और उसकी थाप भी सुनी होगी,लेकिन आज हम आपको जिस तबले के बारे में बताने जा रहे हैं।उसके बारे में दावा है कि वह दुनिया का सबसे अनोखा तबला है।इस तबले की लंबाई आम तबलों से तीन गुना अधिक है।इसे तैयार करने और कराने में काशी के अस्सी मोहल्ले के संगीत साधक गणेश शंकर मिश्रा को लगभग 15 साल लग गए। गणेश शंकर मिश्रा ने दावा किया है कि ये तबला दुनिया का सबसे बड़ा तबला है। गणेश शंकर मिश्रा गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दुनिया के सबसे बड़े तबले के खिताब के लिए आवेदन करेंगे। तबले ऊंचाई लगभग 34 इंच है और इसका वजन लगभग 30 किलोग्राम है।इस तबले को तैयार कराने में लगभग 15 साल से अधिक लगा।इस तबले को बैठकर नहीं बल्कि खड़े होकर आसानी से बजाया जा सकता है।साइज में ये तबला आम तबलों से तीन गुना बड़ा है। इसलिए इसकी आवाज भी दूसरे तबलों से भी तेज है। गणेश शंकर मिश्रा ने बताया कि कई साल पहले उनके दिमाग में इसे बनाने का विचार आया था,लेकिन लंबे शोध के बाद कारीगरों की मदद से इसको तैयार कराया है।उन्‍होंने बताया कि सबसे ज्यादा परेशानी इस तबले को बनाने के उपकरण खरीदने में हुई,क्योंकि इस साइज के उपकरण बाजारों में नहीं थे।स्पेशल ऑर्डर देकर एक-एक सामान को तैयार कर इसका निर्माण किया गया है। गणेश शंकर मिश्रा ने बताया कि इस तबले को पहले एक कारीगर से बनवाया तो इसकी आवाज ठीक नही थी।फिर दूसरे कारीगर से बनवाने लगा। उन्होंने बताया कि इस दौरान देश-विदेश में कार्यक्रम भी आते रहे और मैं निर्माण कार्य छोड़कर बाहर चला जाता था।जब लौटता था तो फिर इसके निर्माण की प्रक्रिया में लग जाता था। इस दौरान जिन पुराने कारीगरों की मैने मदद ली उनके से कुछ का निधन भी हो गया। फिर दूसरे कारीगरों को ढूंढकर तबला बनाने के प्रयास में जुटा रहा।गणेश शंकर मिश्रा ने बताया कि कई संगीत साधकों से चर्चा की है और इंटरनेट पर भी इतने बड़े तबले को लेकर काफी सर्च किया। उन्होंने बताया कि इसके बाद इस तबले का गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दुनिया के सबसे बड़े तबले के रूप में नाम दर्ज कराने का प्रयास कर रहे हैं। आपको बता दें कि गणेश शंकर मिश्रा प्रसिद्ध तबला वादक हैं। गणेश शंकर मिश्रा टेलीविजन,रेडियो सहित कई जगह बड़े कार्यक्रमों में अपनी प्रस्तुति भी दी है। गणेश शंकर मिश्रा के नाना ने बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय में संगीतालय की स्थापना की। गणेश शंकर मिश्रा पिता सितारवादक थे।गणेश शंकर मिश्रा ने पंडित रामसहाय और पंडित बद्री महाराज ने तबला सिखाया।शारदा सहाय गुदई महाराज उनके गुरू थे।

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