मऊ जयराम की दुनिया का बना बेताज बादशाह मुख्तार अंसारी की एम्बुलेंस मामले में अंसारी के डाक्टर का अस्पताल सहित सम्पत्ति की गई कुर्क । ( धन्नजय सिंह की खास रिपोर्ट )


( मऊ जयराम की दुनिया का बना बेताज बादशाह मुख्तार अंसारी की एम्बुलेंस मामले में अंसारी के डाक्टर का अस्पताल सहित सम्पत्ति की गई कुर्क )
मऊ जरायम की दुनिया का बेताज बादशाह माफिया मुख्तार अंसारी एंबुलेंस केस में बाराबंकी और मऊ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है।मुख्तार की बेहद खास अलका राय का श्याम संजीवनी अस्पताल को सोमवार को कुर्क कर लिया गया है। बाराबंकी जिले में रजिस्टर्ड नंबर की एंबुलेंस से पंजाब की कोर्ट में मुख्तार की पेशी के बाद मामला सामने आया था। जांच में पता चला कि एंबुलेंस अलका राय के अस्पताल श्याम संजीवनी के नाम से रजिस्टर्ड कराई गई है।इसके बाद मुख्तार के अन्य करीबियों के साथ ही अलका राय पर भी पुलिस ने शिकंजा कसा था। अलका राय को भी गिरफ्तार कर गैंगस्टर में कार्रवाई की गई थी। सोमवार को गैगस्टर एक्ट के उसी मुकदमे में अलका राय की संपत्ति को कुर्क करने बाराबंकी से पुलिस टीम मऊ पहुंची थी। यहां बाराबंकी पुलिस मऊ की पुलिस टीम के साथ अस्पताल और उससे जुड़ी जमीन को कुर्क करने की कार्यवाही की। कुर्क की गई संपत्ति की कीमत 2.65 करोड़ बताई जा रही है। अलका राय फिलहाल हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद जेल से बाहर हैं।
मुख्तार पर ही केस का दांव नहीं आया काम;-
माफिया मुख्तार अंसारी को एंबुलेंस देने के मामले में अपने ऊपर केस दर्ज होते ही अलका राय भी थाने पहुंची थी।अलका राय पूरे मामले को अपने खिलाफ साजिश बताते हुए मुख्तार समेत कई लोगों के खिलाफ पुलिस से शिकायत करते हुए एफआईआर दर्ज करने की अपील की थी।अलका राय ने मऊ शहर कोतवाली में मुख्तार और अन्य के खिलाफ तहरीर देते हुए आरोप लगाया कि पिछले एक दशक से अधिक समय से वह विभिन्न सामाजिक कार्यों में अपनी सहभागिता निभा रही हैं। अलका राय ने कहा था कि वह भारतीय जनता पार्टी में भी सक्रिय कार्यकर्ता हैं। इसलिए उनके सामाजिक प्रतिष्ठा को धूमिल करने के लिए राजनीतिक साजिश के तहत गलत तरीके से एंबुलेंस मामले में मुकदमा दर्ज करके फंसाया जा रहा है।अलका राय ने मुख्यमंत्री से लेकर उच्चाधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करने के साथ ही मुख्तार व उनके सहयोगियों तथा उनके प्रतिनिधि के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की है।
बाराबंकी से कोई संबंध नहीं;-
अलका राय ने बताया था कि मीडिया से पता चला कि एंबुलेंस श्याम संजीवनी अस्पताल बाराबंकी के नाम से पंजीकृत है। उस पर मऊ के पते के नाम भी अंकित हैं। बाराबंकी में एक इंच भी भूमि या सम्पत्ति नहीं है और न ही बाराबंकी जनपद में कभी भी श्याम संजीवनी अस्पताल के नाम से कोई अस्पताल ही खोला था। तहरीर में डॉ. अलका राय ने आरोप लगाते हुए कहा था कि एम्बुलेंस परिवहन विभाग बाराबंकी में मेरे नाम से पंजीकृत कही जा रही है। इस एंबुलेंस के सम्बंध में उन्हें कोई जानकारी नहीं थी न ही कभी मैंने या मेरे प्रतिनिधि ने किसी भी एंबुलेंस की जनपद बाराबंकी में पंजीयन कराया था।
