सहारनपुर करवा चौथ के पर्व पर बड़े हर्षोल्लास के साथ 15 महिला बंदियों ने जेल में उपवास रखकर पतियों की दीर्घायु की कामना मनाया करवाचौथ पर्व। ( कमल कश्यप की खास रिपोर्ट )

( सहारनपुर करवा चौथ के पर्व पर बड़े हर्षोल्लास के साथ 15 महिला बंदियों ने जेल में उपवास रखकर पतियों की दीर्घायु की कामना मनाया करवाचौथ पर्व )

सहारनपुर करवा चौथ का यह महापर्व कल रात देश भर में बड़े ही हर्षोल्लास पूर्वक सम्पन्न हुआ।इस मोके महिलाओं ने पति की लम्बी उम्र के लिए पूरे दिन उपवास रखा एवम रात होते ही चन्द्र दर्शन के बाद पति के हाथों जल ग्रहण कर व्रत को पूरा किया।करवा चौथ का यह महापर्व कल रात जिला कारागार में भी बड़े ही धूमधाम से सम्पन्न हुआ।इस मोके पर 15 महिला बंदियों ने करवा चौथ का उपवास रख रात्रि में चन्द्र दर्शन के बाद ही व्रत को पुरा किया।जेल अधीक्षिका अमिता दूबे के निर्देशन में जेल में महिलाओं द्वारा किए जाने वाली पूजा की अच्छी व्यवस्था की गई थी।इस मोके पर सुहाग गीतो के साथ साथ भजन कीर्तन का भी आयोजन कियागया, कारागार परिसर रंगोली से सजाया गया।जेल अधीक्षका अमिता दूबे ने बताया,कि प्रभु चंद्रदेव के उदय के साथ ही जिन महिला बंदियों के संग कारागार में 10 पुरूष बंदी-उनके पति निरूद्ध है तथा शेष पांच महिला बंदियों के हेतु पूजा सामग्री मुख्य रुप से कारागार के प्रागंण मे दीप प्रज्जवलन एवम चन्द्रदेव दर्शन पूजन की अच्छी व्यवस्था भी कराई गयी थी।जिस पर विलम्ब से कारागार खुलवाकर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच जेल अधिकारियों की देखरेख में बंदी महिलाओं ने पूछा अर्चना की।अमिता दूबे ने बताया,कि इसके अलावा महिला बंदियों को व्रत एवम पूजन व सुहाग सामग्री भी जेल प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराई गयी है।हम आपको बता दें,कि दिन में सुहागीन बंदी महिलाओं ने पारंपारिक ढंग से अपने हाथों में मेहंदी लगाकर रंगोली बनाकर एवम वाद यंत्रों के साथ नृत्य के साथ साथ सुहाग गीत गाकर कारागार कर्मचारियों के मन में एक नई भावना जागृत कर दी।और यही नहीं कारागार में निरुद्ध महिला एवम पुरूष बंदियो पति/पत्नी की मुलाकात विशेष रूप से कराई गयी।इस मोके पर जेल अधीक्षिका अमिता दूबे के अलावा जिला कारागार के अन्य अधिकारी भी रहे मोजूद।हम आपको एक बात से और अवगत करा दे,कि जब अमिता दूबे ने जिला कारागार की बागडौर सम्भाली है,तभी से ही होली हो या ईद,करवा चौथ हो या दीपावली सभी पर्व जिला कारागार में पारम्परिक ढंग से मानाए जाते है एवम जेल प्रशासन द्वारा पर्व के अनुसार बंदियों को सामग्री भी उपलब्ध कराई जाती है।

 

Back to top button
error: Content is protected !!