उत्तर प्रदेश आगरा थाना एत्माद्दौला क्षेत्र चंद पैसों की रंजिश में बदला लिया पिताका साथी बना हत्यारा 04 वर्षीय मासूम बेटे का अपहरण कर गोली मारकर की हत्या पुलिस ने किया बड़ा खुलासा 01 अवैध असलहा व कारतूस बरामद कर अभियुक्त को किया गया गिरफ्तार। ( योगेश पाठक की खास रिपोर्ट )


( आगरा थाना एत्माद्दौला क्षेत्र चंद पैसों की रंजिश में बदला लिया पिता का साथी बना हत्यारा 04 वर्षीय मासूम बेटे का अपहरण कर गोली मारकर की हत्या पुलिस ने किया बड़ा खुलासा 01 अवैध असलहा व कारतूस बरामद कर अभियुक्त को किया गया गिरफ्तार )
उत्तर प्रदेश आगरा एत्माद्दौला थाना क्षेत्र के शंभू नगर में चार साल के बच्चे की हत्या के मामले में हैरान करने वाला खुलासा हुआ है। आरोपी ने घर के बाहर से बच्चे को अगवा किया था। उसके सीने में गोली मारकर शव को कालिंदी विहार में एक हौद में फेंक दिया। हत्याकांड के बाद आरोपी पिता के साथ मासूम को तलाशने का नाटक करता रहा। बाद में खुद ही शव बरामद करा दिया। शक होने पर पुलिस ने उसे पकड़ लिया। पुलिस का कहना है कि पूछताछ में उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। घटना के पीछे भंडारे का प्रसाद बनाने का विवाद सामने आया है।
इकलौता बेटा था गोल्डी
शंभू नगर निवासी बबलू दक्ष का हलवाई का काम है। उन्होंने बताया कि गोल्डी उनका इकलौता बेटा था। गोल्डी शनिवार शाम को छह बजे घर के बाहर खेल रहा था। रात आठ बजे तक वो घर के अंदर नहीं आया। इस पर परिजन बाहर आए। मगर, वो मिला नहीं। बाद में तलाश करने लगे। उसके (बबलू के) साथ न्यू कृष्णा नगर निवासी बंटी भी काम करता है। वह भी गोल्डी की तलाश करने में आ गया।
बबलू ने पुलिस को बताया कि बंटी ने उसे बताया कि एक भगत से पता चला है कि गोल्डी कालिंदी विहार में है। रात तकरीबन 12:30 बजे वह उन्हें उसी स्थान पर ले गया, जहां बेटे का शव पड़ा था। शव हौद में पड़ा मिला। उसके पास ही तमंचा भी था। जानकारी पर पहुंची पुलिस ने तमंचा कब्जे में ले लिया। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
प्रसाद बनाने को लेकर विवाद
पुलिस ने बंटी को हिरासत में लिया था। पुलिस की पूछताछ में पता चला कि बंटी और बबलू साथ काम करते थे। सवा महीने पहले उन्हें एक काम मिला था। इसमें भंडारे का प्रसाद बनाना था। बबलू ने बंटी से भी प्रसाद बनाने के लिए रकम देने के लिए कहा था, लेकिन उसने मना कर दिया। इस पर दोनों में विवाद हो गया। इस पर उनमें ठन गई थी। इससे काम खराब हो गया। बबलू और बंटी में बातचीत बंद हो गई। इसी विवाद में बंटी ने बबलू से बदला लेने का प्लान बनाया। इसमें अपने साथी टिंका को शामिल कर लिया।
बबलू नहीं मिला तो बेटे को ले गए
पुलिस की पूछताछ में पता चला कि बंटी रोजाना बबलू की गली में आता था। चक्कर काटकर चला जाता था। वह शनिवार शाम को अपने साथी मैनपुरी निवासी टिंका के साथ आया था। वह शंभू नगर में ही किराये पर रहता है। बंटी जब आया तो बबलू घर में नहीं था। उसका बेटा घर के बाहर खेल रहा था। बंटी ने पहले उसे चॉकलेट दिलाई। उसे बाइक पर बैठाकर ले गया। उसके सीने में गोली मारकर हत्या कर शव हौद में फेंक दिया। इसके बाद उसे तलाशने का नाटक करने लगा। टिंका हत्या के मामले में जेल जा चुका है। वह हाल ही में जमानत पर छूटकर आया है।
हत्याकांड के पीछे रंजिश
एसपी सिटी विकास कुमार ने बताया कि मामले में अज्ञात में अपहरण का मुकदमा दर्ज किया गया था। दो संदिग्धों से पूछताछ की गई है। हत्याकांड के पीछे रंजिश की बात सामने आई है। घटना का जल्द खुलासा किया जाएगा।

( योगेश पाठक की खास रिपोर्ट )
