गुजरात में मोरबो स्थित 140 साल पुराना अंग्रेजो ने बनाया गया पुल मरम्मत होने के बाद बिना जांच किए 05 दिन पहले झुलता हुआ पुल खोला गया था ब्रिज टूटने से लगभग 60 लोगों को की हुई मौत मच गया हड़कंप 70 लोग उपचार हेतू पहुंचाया गया अस्पताल । ( धन्नजय सिंह की खास रिपोर्ट )

( गुजरात में मोरबो स्थित 140 साल पुराना अंग्रेजो ने बनाया गया पुल मरम्मत होने के बाद बिना जांच किए 05 दिन पहले झुलता हुआ पुल खोला गया था ब्रिज टूटने से लगभग 60 लोगों को की हुई मौत मच गया हड़कंप 70 लोग उपचार हेतू पहुंचाया गया अस्पताल )
गुजरात के मोरबी में केबल सस्पेंशन ब्रिज टूटने से बड़ा हादसा हो गया है। ब्रिज टूटन के कारण करीब 400 लोग मच्छु नदी में गिर गए और 60 लोगों की मौत हो गई। 6 महीने से यह पुल बंद था और 5 दिन पहले ही इसे खोला गया था। दिवाली के अगले दिन 25 अक्टूबर को पुल खोला गया था।
यह पुल 140 साल पहले अंग्रेजों के जमाने में बनाया गया था। उस वक्त इस पुल को साढ़े तीन लाख रुपए में बनाया गया था। अब 6 महीने से पुल बंद पड़ा था और 2 करोड़ रुपए में इसकी मरम्मत का काम पूरा किया गया था। बताया जा रहा है कि पुल पर इसकी क्षमता से ज्यादा लोगों के जाने के कारण पुल टूटा है। ब्रिज की क्षमता 100 लोगों की थी, लेकिन इतनी बड़ी संख्या में लोगों के यहां पहुंचने के कारण यह टूट गया।
पर्यटकों का प्रमुख आकर्षण केबल ब्रिज एक सदी से भी अधिक पुराना है और पिछले कुछ सालों से इसके रेनोवेशन और मरम्मत का काम चल रहा था। दिवाली से कुछ दिन पहले ही इसका मरम्मत कार्य पूरा किया गया था और इसे हाल ही में जनता के लिए फिर से खोल दिया गया था। 230 मीटर लंबा ऐतिहासिक पुल 19वीं सदी में ब्रिटिश शासन के दौरान बनाया गया था। यह पुल मोरबी ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए ऐतिहासिक धरोहर है। इसका उद्घाटन 20 फरवरी 1879 में किया गया था। उस समय पुल को बनाने का पूरा सामान इंग्लैंड से ही मंगाया गया था। लकड़ी और केबल से इसका निर्माण किया गया था। इसकी चौड़ाई 4.6 मीटर है।
इसी पुल से दरबार जाते थे मोरबी के राजा
केबल सस्पेंशन ब्रिज के जरिए ही मोरबी के राजा प्रजावत्स्ल्य सर वाघजी अपने राज दरबार से राजमहल जाते थे। उनकी रियासत में ही इस पुल का निर्माण किया गया था। अपनी राजशाही खत्म होने के बाद पुल की जिम्मेदारी उन्होंने मोरबी नगर पालिका को सौंप दी थी।
ब्रिज की मरम्मत की जिम्मेदारी 15 साल के लिए ओरोवा ग्रुप के पास है। ग्रुप ने मार्च 2022 से मार्च 2037 तक के लिए मोरबी नगरपालिका के साथ एक समझौता किया है। ओरोवा ग्रुप ही ब्रिज की सुरक्षा, सफाई, टोल वसूलने, रखरखाव और स्टाफ प्रबंधन का काम देखेगा।
जुलता पूल अचानक टूट जाने कई लोग नदी में गिरे नए साल के दिन इस पूल को लोगो के लिए फिर से खोला गया था | पूल के खुलने के बाद चार दिन में 12000 लोगो ने इस पूल का भ्रमण किया था | इस दुर्घटना के समय पूल भरी संख्या में लोग जमा थे सूचना है की लगभग 500 लोग पुल से गिरे नदी मे अभी पांच दिन पहले हुई थी पुल की मरम्मत |
गुजरात के मोरबी में रविवार शाम बड़ा हादसा हो गया. यहां मच्छु नदी में बना केबल ब्रिज अचानक टूट जाने से कई लोग नदी में गिर गए. मौके पर मौजूद गुजरात के मंत्री बृजेश मेरजा के मुताबिक हादसे में करीब 60 लोगों की मौत हो चुकी है. कई घायलों का रेस्क्यू कर लिया गया है, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है. बचे हुए लोगों को नदी से निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है. ब्रिज रिनोवेशन के बाद हाल ही में चालू किया गया था। 60 की मौत, 70 का इलाज अस्पताल में जारी नेवी व एयरफ़ोर्स के जवानों ने बचाव कार्य में उतरी NDRF व SDRF की तीन प्लाटून टीम बचाव कार्य में शामिल पुरे मामले की जांच करेगी SIT PMO सीधे कर रहे निगरानी.मरने वालों में बच्चों की अधिक संख्या।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात CM और अन्य अधिकारियों ने मोरबी में हुई दुर्घटना के संबंध में बात की। उन्होंने बचाव अभियान के लिए टीमों को तत्काल जुटाने, स्थिति की बारीकी से और लगातार निगरानी करने और प्रभावित लोगों को हर संभव मदद देने को कहा है PMO
