उत्तर प्रदेश औरैया पत्रकार द्वारा जिलापूर्ति अधिकारी से पूछे गए सवालों पर अपना खोया आपा दिखा जिलापूर्ति अधिकारी का अमानवीय चेहरा किया पत्रकार से अभद्रता का व्यवहार खुद बने साहुकार पत्रकार को बनाया चोर विडियो हुआ वायरल पत्रकारों में भारी आक्रोश। ( पंकज सिंह राणावत की खास रिपोर्ट )

( औरैया पत्रकार द्वारा जिलापूर्ति अधिकारी से पूछे गए सवालों पर अपना खोया आपा दिखा जिलापूर्ति अधिकारी का अमानवीय चेहरा किया पत्रकार से अभद्रता का व्यवहार खुद बने साहुकार पत्रकार को बनाया चोर विडियो हुआ वायरल पत्रकारों में भारी आक्रोश )
उत्तर प्रदेश औरैया जिलापूर्ति अधिकारी के बिगड़े बोल, पत्रकारों के संबंध में किया अभद्र टिप्पणी पत्रकार को कार्यालय में अभद्र व्यवहार व टिप्पणी किया | पत्रकारों में जिलापूर्ति अधिकारी के रवैये से आक्रोश खाद्य एवं रशद विभाग सबसे भ्रष्ट विभाग कहा जाता रहा है इस विभाग का चापरासी से लेकर अधिकारी तक भ्रष्टाचार में लिप्त | आपूर्ति निरीक्षक ने तहसील स्तर पर कोटेदारों से प्रति खाद्यं निकासी पर 600 रुपये निर्धारित हैं महीने में दो निकासी होने पर 1200₹ और एक तहसील में लगभग 200 कोटेदार होते हैं उदाहरण 1200× 200 = 240000 यह वसूली के लिए आपूर्ति निरीक्षक निजी दो से तीन लोग को दस हजार महिना पर रखते हैं अर्थात 240000- 30000=210000 लगभग दो लाख प्रति माह कहाँ जा रहा है? एक जिला में लगभग चार तहसील होती होगी मतलब 210000×4=840000 रुपये प्रति माह किस किस को वितरित हो रहे हैं?? सभी आंकड़े सूत्रों पर आधारित | डीएसओ औरैया के बिगड़े बोल,पत्रकारो को बताया चोर लगातार विवादों में घिरे औरैया के जिला पूर्ति अधिकारी कोटेदारों को लेकर पूछे सवाल पर इतने बौखला गए कि अपनी सीट और अपनी सेवा के मर्यादा ही भूल गए और पत्रकारो के सवालों के जवाब देने की जगह पत्रकारो के लिए अशोभनीय शब्द बोलने लगे और पत्रकारो को चोर और दलाल कहने लगे,जिला पूर्ति अधिकारी की पत्रकारो के प्रति इस अशोभनीय की चारो तरफ निंदा हो रही है,ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन के उत्तराखण्ड राज्य प्रभारी और सहारनपुर जिलाध्यक्ष आलोक तनेजा ने औरैया के जिला पूर्ति अधिकारी देव मणि मिश्रा के पत्रकारो के प्रति इस तरह के आचरण की कड़े शब्दो में निंदा की है |

( पंकज सिंह राणावत की खास रिपोर्ट )
