उत्तर प्रदेश औरैयाअजीतमल चल रहे 25 वें मानस सम्मेलन में पधारे वक्ताओं का समाजसेवी डॉ रामपाल प्रजापति द्वाराकिया गया भव्य स्वागत। ( पंकज सिंह राणावत की खास रिपोर्ट )

 

( औरैयाअजीतमल चल रहे 25 वें मानस सम्मेलन में पधारे वक्ताओं का समाजसेवी डॉ रामपाल प्रजापति द्वारा किया गया भव्य स्वागत )

उत्तर प्रदेश औरैयाअजीतमल बाबरपुर कस्बे की सब्जी मंडी में चल रहे 25 वें मानस सम्मेलन के अन्तिम दिन डॉ रामपाल प्रजापति के द्वारा एडीएम भिंड, एसडीएम अजीतमल, मानस केसरी रमेश रामायणी मानस के प्रखर वक्ता भदौरिया जी, मानस समित के पदाधिकारी डॉ उमेश दीक्षित ,डॉ रामदर्शन कठेरिया जी आदि का फूल माला और सॉल उढा कर किया सम्मान , आज के सम्मेलन में जालौन से पधारे मानस वक्ता रमेश रामायणी ने चौपाई निर्मल मन जन सो मोहि पावा मोहे कपट छल छिद्र न भावा पर विस्तृत कर चर्चा करते हुए समाज को दिशा देते हुए इसके भाव प्रकट करते हुए बताया कि भगवान निर्मल मन से जो भक्ति करता है उसे मैं उसे मैं सहज प्राप्त हो जाता हूं और जो मन में दूषित विचार लेकर आराधना करता है मैं उसे दर्शन नहीं देता हूं। श्री रामचरितमानस की यह चौपाई यह संकेत कर रहा है, कि ईश्वर या उनकी भक्ति प्राप्त करने के लिए मन की निर्मलता परमावश्यक है।

( पंकज सिंह राणावत की खास रिपोर्ट )

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