जौनपुर थाना लाइन बाजार पुलिस को मिली बड़ी सफलता पुलिस द्वारा चेकिंग/ दबिश के दौरान फर्जी पंपलेट छपवाकर नौकरी दिलाने वाले गिरोह का किया बड़ा खुलासा 12 मोबाइल,बारकोड, अन्य उपकरण बरामद कर 06 अभियुक्तों को किया गया गिरफ्तार। ( पंकज झां की खास रिपोर्ट )

( जौनपुर थाना लाइन बाजार पुलिस को मिली बड़ी सफलता पुलिस द्वारा चेकिंग/ दबिश के दौरान फर्जी पंपलेट छपवाकर नौकरी दिलाने वाले गिरोह का किया बड़ा खुलासा 12 मोबाइल,बारकोड, अन्य उपकरण बरामद कर 06 अभियुक्तों को किया गया गिरफ्तार )
जौनपुर अजय साहनी, पुलिस उपमहानिरीक्षक/ पुलिस अधीक्षक जौनपुर द्वारा थाना लाइन बाजार पर पंजीकृत मु0अ0सं0-24/23 धारा 419, 420, 467, 468, 471, 120 बी भादवि के विवेचना के क्रम में टीम गठित कर अपराध में सम्लित अभियुक्तों कि गिरफ्तारी हेतु आवश्यक दिशा निर्देश दिया गया था जिसके क्रम में श्री आदेश त्यागी, प्रभारी निरीक्षक थाना लाइनबाजार मय हमराह व उप निरीक्षक मनोज कुमार सिंह, एसओजी प्रभारी मय हमराह व उप निरीक्षक रामजनम यादव प्रभारी सर्विलांस के साथ धन्नेपुर चौराहे पर संदिग्ध व्यक्ति/वाहन की चेकिंग कर रहे थे कि जरिये मुखबिर सूचना मिली कि धन्नेपुर चौराहे पर मौर्या मेडिकल के बगल में पाल साहब के मकान में कुछ लोग नौकरी दिलाने के नाम पर लोगों से पैसे लेते हैं तथा फर्जी नियुक्ति पत्र देते हैं। इस सूचना पर विश्वास कर पुलिस टीम मुखबिर के साथ पाल साहब के मकान पर पहुँची। उच्चाधिकारियों के निर्देश व नियमानुसार कार्यवाही करते हुए मकान की तलाशी ली गई तो कुछ व्यक्ति व महिला मिली जिनसे उनका नाम पता पूछा गया तथा कमरे से ही 12 मोबाइल 03 गूगल-पे बार कोड, 03 बैग में नौकरी दिलाने वाले विज्ञापन पम्पलेट, एक बैग मे कुल 210 फर्जी भरा हुआ फार्म, 12 एटीएम, 04 मोहर, एक मोहर पैड 01, वाईफाई एयरटेल राउटर, 04 फर्जी आईडी पर बनी सीम, तलाशी के 4615 रुपये तथा आफिस के बाहर खङा एक मोटर साइकिल व 01 अल्टो मारुती कार बरामद हुई। कङाई से पूछताछ पर पकङे गये अभियुक्तों द्वारा बताया गया कि हम लोग जनपद जौनपुर व आसपास के जनपद में विभिन्न कम्पनियों में नौकरी दिलाने के नाम पर पम्पलेट छपवाकर सार्वजनिक स्थानों पर चस्पा कर देते हैं, जब पम्पलेट पर छपे हुए मोबाइल नम्बरों पर काल आती है तो रजिस्ट्रेशन के नाम पर दिल्ली के रहने वाले मो0 सोएब के मो0नं0 – 9058387535 तथा कानपुर के अनुराग कुमार के मो0नं0 – 9260902553 पर फोन पे के माध्यम से पैसा मंगाते हैं, तथा फर्जी नियुक्ति पत्र जरिए व्हाट्सएप भेज देते है तथा ड्रेस व ट्रेनिंग के नाम पर और पैसे की मांग करते है, तथा पैसा मिलने के बाद ज्वाइनिंग मांगने पर समय देकर टालमटोल करते रहते है, जब काफी पैसा इकठ्ठा हो जाता है तब हम लोग आफिस बन्द करके भाग जाते हैं तथा इस्तेमाल किए सिम को बन्द कर तथा पुनः दूसरे जनपद में फर्जी आईडी से नया सिम लेकर पुनः कार्य शुरू करते है। पकङे गये अभियुक्तों को उनके अपराध का बोध कराकर हिरासत पुलिस लेकर आवश्यक वैधानिक कार्यवाही की जा रही है तथा उपरोक्त अभियुक्तों के द्वारा किए गए अन्य जनपदों में किए गए अपराधों से सम्बन्धित अभियोगों की जानकारी की जा रही है |

( पंकज झां की खास रिपोर्ट )
