लखनऊ राजू पाल हत्या कांड के मुख्य गवाह की हत्या मे घायल हुए दुसरे सिपाही की इलाज के दौरान हुई मौत से परिजनों में मच गया हड़कंप राजू पाल हत्या कांड के मुख्य गवाह की हत्या मे घायल हुए दुसरे सिपाही की इलाज के दौरान हुई मौत से परिजनों में मच गया हड़कंप शहीद सिपाही को पुलिस लाइन में दी गई सलामी व श्रद्धांजलि। ( धन्नजय सिंह की खास रिपोर्ट )

( राजू पाल हत्या कांड के मुख्य गवाह की हत्या मे घायल हुए दुसरे सिपाही की इलाज के दौरान हुई मौत से परिजनों में मच गया हड़कंप शहीद सिपाही को पुलिस लाइन में दी गई सलामी व श्रद्धांजलि )
लखनऊ: शहीद सिपाही को पुलिस लाइन में दी गई सलामी,शहीद सिपाही राघवेंद्र के शव को दी गई सलामी,जेसीपी लॉ एंड ऑर्डर, डीसीपी पश्चिम और उत्तरी रहे मौजूद,पीयूष मोर्डिया ने परिजनों को सौंपी सहायता राशि,पार्थिव शरीर अंतिम संस्कार के लिए रायबरेली रवाना,रायबरेली में शहीद के गांव में होगा अंतिम संस्कार लखनऊ बहुजन समाज पार्टी के विधायक राजू पाल हत्याकांड के मुख्य गवाह अधिवक्ता उमेश पाल पर हुए जानलेवा हमले में घायल सिपाही राघवेंद्र सिंह ने बुधवार को लखनऊ के संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान में दम तोड़ दिया।यूपी पुलिस ने ट्वीट कर सिपाही को श्रद्धांजलि दी है। प्रयागराज में शुक्रवार शाम उमेश पाल पर हुए जानलेवा हमले में उनके साथ गनर संदीप निषाद की एसआरएन अस्पताल में मृत्यु हो गई थी।वहीं दूसरे गनर राघवेंद्र सिंह को अच्छे उपचार के लिए रविवार को एसआरएन अस्पताल से लखनऊ एसजीपीजीआई लाया गया था।बुधवार शाम लगभग पांच बजे सिपाही राघवेंद्र सिंह का एसजीपीजीआई में निधन हो गया।यूपी पुलिस ने ट्वीट कर कहा कि प्रयागराज में घटित आपराधिक घटना में घायल आरक्षी स्व0 राघवेन्द्र सिंह के शहीद होने पर उ0प्र0पुलिस परिवार की ओर से विनम्र श्रद्धांजलि। बता दें कि प्रयागराज शूटआउट के दौरान घायल राघवेंद्र को ग्रीन कॉरिडोर बनाकर प्रयागराज से एसजीपीजीआई शिफ्ट किया गया था। यहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। जानकारी के मुताबिक पांच मई को राघवेंद्र की शादी होने वाली थी।राघवेंद्र सिंह रायबरेली जिले के लालगंज के रहने वाले थे। राघवेन्द्र उमेश पाल के गनर थे और हमले में गोली और बम लगने से गंभीर रूप से घायल हो गए थे।इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। बताया जाता है कि राघवेंद्र के पिता भी पुलिस में थे। बीमारी के बाद उनका देहांत हो गया था। राघवेंद्र को अपने पिता की जगह अनुकम्पा के आधार पर नौकरी मिल थी। परिवार में मां, बहन और भाई हैं।
