उत्तर प्रदेश औरैया जिलाधिकारी द्वारा कंचौसी क्षेत्र में 03 साल से ओवरब्रिज का अधूरे कार्य का किया गया निरीक्षण किशानो ने निर्माण पूर्ण से पहले किया था मुवाजे की थी मांग । ( पंकज सिंह राणावत की खास रिपोर्ट )


( औरैया जिलाधिकारी द्वारा कंचौसी क्षेत्र में 03 साल से ओवरब्रिज का अधूरे कार्य का किया गया निरीक्षण किशानो ने निर्माण पूर्ण से पहले किया था मुवाजे की थी मांग )
औरैया कन्चौसी तीन साल से किसानो को उचित मुआबजा न मिलने से लंबित पडा कंचौसी रेल ओबर ब्रिज संख्या 5 सी पर आज दोपहर बाद कानपुर मंडल भू अधियाप्त अधिकारी ए डी एम कानपुर सिटी विजेता ,एस डी एम डेरापुर रमेश कुमार, यू पी ब्रिज कार्पोरेशन के अधिकारी व राजस्व अधिकारियो के साथ मौके पर निरीक्षण करने पहुची उसी समय परियोजना से प्रभावित किसान सत्य नारायण दुवे ,उपेंद्र चतुर्वेदी ,अरविन्द कुमार गुप्ता, जयप्रकाश, अनिल, पप्पू, संतोष, सुरेन्द्र कुमार आदि ने नगर के किनारे बन रहे कृषि भूमि का वर्तमान सर्किल रेट का आवासीय रेट का प्रतिकर भुगतान पहले करने के बाद काम शुरू कराने की मांग की जिस पर अधिग्रहण अधिकारी ने यह कहते हुए मांग ठुकरा दी कि अधिग्रहण गजट से पहले जमीन सरकारी अभिलेखो मे आवासीय दर्ज नही है इस पर किसान असहमत दिखाई दिये। किसानो का कहना था कि उनकी भूमि पर तीन साल पहले बिना एक रूपया भुगतान किये राज्य ब्रिज कार्पोरेशन ने सहमति पत्र देकर आवासीय रेट दिलाने का बादा कर काम शुरू कराया था जहा चार माह तक चले काम मे दस अधूरे खम्मे खडे कर कच्चा आने जाने का रास्ता बनाया है जिस पर किसान खेती भी नही कर पा रहे है इस पर ब्रिज कार्पोरेशन के अधिकारी कोई जवाब नही दे सके। इस अवसर पर एस डी एम डेरापुर रमेश कुमार सेतु निगम के ए ई यू पी सिंह राजस्व निरीक्षक अनिल शुक्ला देवराज लेखपाल अधिग्रहण अधिकारी ए के साहू आदि शामिल थे । दोनो जिला औरैया कानपुर देहात सीमा पर बन रहे इस पुल को दक्षिण मे झीझक औरैया रोड पर व उत्तर मे नहर पार लहरापुर रोड पर उतारा जा रहा है जिसकी दोनो तरफ की लम्बाई नौ सौ मीटर है जिस पर सात करोड रुपए से अधिक खर्च अनुमानित है जिसको डी एफ सी व राज्य सरकार मिलकर खर्च कर रहे है। जिसमे अकबरपुर सासंद देवेन्द्र सिंह भोले व उनके भाईयो की भूमि भी प्रभावित हो रही है ।अधूरे कंचौसी रेल ओबर ब्रिज का निरीक्षण करते समय किसानो से बात करती ए डी एम व एस डी एम आदिअधूरे खड़े ओवरब्रिज के खम्मे।

( पंकज सिंह राणावत की खास रिपोर्ट )
