उत्तर प्रदेश जिला फिरोजाबाद जिला मुख्यालय दबरई सभागार में उत्तर प्रदेश विधानसभा परिषद की संसदीय एवं सामाजिक सदध्दाव समिति की लम्बित प्रकरणों एवं विचारणीय बिंदुओं की समीक्षा हित एक बैठक |   (  ब्यूरो प्रमुख सन्नेश कुमार गुप्ता की खास रिपोर्ट  ) 

( फिरोजाबाद  जिला मुख्यालय दबरई सभागार में उत्तर प्रदेश विधानसभा परिषद की संसदीय एवं सामाजिक सदध्दाव समिति की लम्बित प्रकरणों एवं विचारणीय बिंदुओं की समीक्षा हित एक बैठक )

उत्तर प्रदेश फिरोजाबाद 23 मार्च/सू0वि0 उत्तर प्रदेश विधान परिषद की संसदीय एवं सामाजिक सद्भाव समिति की लम्बित प्रकरणों एवं विचारणीय बिंदुओं की समीक्षा हेतु एक बैठक मा0 सभापति राकेश यादव की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित की गई। इस दौरान समिति के मा0 सदस्यगण सदस्य विधान परिषद दिलीप सिंह कल्लू यादव, अरविंद कुमार सिंह, शैलेंद्र कुमार सिंह, डा0 दिलीप यादव भी उपस्थित रहे। समिति के सभापति एवं सदस्यगणों द्वारा अवगत कराया गया कि भ्रष्टाचार, दुराचार से पीड़ित अनुसूचित जाति के व्यक्तियों आदि की समस्याओं तथा सरकारी अधिकारियों एवं कर्मचारियों भ्रष्टाचार आदि प्रकरणों की सुनवाई हेतु 1977 में समिति का गठन किया गया था। समिति का मूल उद्देश्य सामाजिक सद्भाव के क्षेत्र में कार्य करना तथा सामाजिक समरसता बनाए रखना है।
सभापति जी द्वारा बैठक के दौरान आबकारी, राजस्व, पर्यावरण, परिवहन, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, गृह, महिला कल्याण, बाल विकास एवं पुष्टाहार, श्रम आदि विभागों के लंबित प्रकरणों की बिंदुवार गहन समीक्षा कर सम्बंधित अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि सभी अधिकारी अपने दायित्वों के प्रति सजग रहें। किसी भी पीड़ित को न्याय दिलाने हेतु प्रतिबद्ध रहें। आबकारी विभाग की समीक्षा के दौरान उन्होंने कहा कि कच्ची एवं अवैध शराब की बिक्री एवं निर्माण पर पूर्ण अंकुश लगाया जाए, जहरीली शराब का निर्माण करने वालों की सम्पत्ति कुर्क कर कठोरतम कार्यवाही की जाए। श्रम विभाग के अधिकारियों को निर्देशित करते हुए उन्होंने कहा कि बाल श्रम एक अभिशाप है, बालकों को खतरनाक उद्योगों में किसी भी प्रकार से सेवायोजित नहीं किया जा सकता है। उन्होने कहा कि जिलाधिकारी स्वयं समिति बनाकर बाल श्रम को रोके जाने हेतु कड़ी कार्यवाही करें। उन्होंने समाज कल्याण विभाग द्वारा अनुसूचित जाति के उत्पीड़ित व्यक्तियों को दिए गए अनुदान आदि के बारे में भी जानकारी प्राप्त की तथा उससे वह संतुष्ट भी नजर आए। सभापति एवं समिति के सदस्यों द्वारा पुलिस विभाग की समीक्षा करते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को निर्देशित करते हुए कहा कि कानून व्यवस्था की समीक्षा हेतु जनप्रतिनिधियों के साथ अपराध नियंत्रण बैठक नियमित रूप से कराना शुरू करें तथा तमाम प्रार्थना पत्रों के माध्यम से जो शिकायतें प्राप्त हो रही है। उनकी उच्च स्तरीय जांच कराऐं, भूमि विवादों सम्बन्धी मामलों के निस्तारण हेतु राजस्व एवं पुलिस विभाग की टीम संयुक्त रूप से मौके पर जाकर कार्यवाही करें। किसी भी पिडित व्यक्ति के प्रति अन्याय न होने पाए। सभी विवेचकों एवं थानाध्यक्षों के साथ बैठक कर मामलें की पूरी जानकारी प्राप्त कर पुलिस विभाग न्यायोचित कार्य करें। जिलाधिकारी चंद्र विजय सिंह एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय पांडे ने सभापति एवं समिति के सदस्यगणों को अंग वस्त्र एवं प्रतीक चिन्ह भेंट कर सम्मानित करते हुए आश्वस्त किया कि उनके द्वारा दिए गए निर्देशों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा। समीक्षा बैठक के दौरान मुख्य विकास अधिकारी चर्चित गौड़, अपर जिलाधिकारी (वि0/रा0) आदित्य प्रकाश श्रीवास्तव, एसपी सिटी मुकेश चंद्र मिश्र, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ0 नीता कुलश्रेष्ठ, उपजिलाधिकारी सदर राजेश वर्मा, उप जिलाधिकारी जसराना कुमार चंद्र जवालिया, बेसिक शिक्षा अधिकारी अरविंद पाठक, जिला कार्यक्रम अधिकारी आभा सिंह, जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी ए0के0 दीक्षित सहित सभी जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहें

  (  ब्यूरो प्रमुख सन्नेश कुमार गुप्ता की खास रिपोर्ट  ) 

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