उत्तर प्रदेश कौशाम्बी पुलिस को मिली बड़ी पुलिस द्वारा दबिश के दौरान 08 अवैध असलहा व भारी मात्रा में कारतूस बरामद कर 05 अभियुकतो को किया गया गिरफ्तार। (संध्या सिंह की खास रिपोर्ट)

( कौशाम्बी पुलिस को मिली बड़ी पुलिस द्वारा दबिश के दौरान 08 अवैध असलहा व भारी मात्रा में कारतूस बरामद कर 05 वांछित अभियुकतो को किया गया गिरफ्तार )
उत्तर प्रदेश कौशांबी उत्तर प्रदेश में कौशांबी पुलिस को शुक्रवार को बड़ी सफलता मिली है।माफिया अतीक अहमद का शूटर अब्दुल कवि को शरण देने के मामले में पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इनके पास से हथियारों का जखीरा बरामद हुआ है। अब्दुल कवि प्रयागराज में 18 साल पहले हुए राजू पाल हत्याकांड में आरोपी है और फरार चल रहा है। इसी बीच कौशांबी एसपी बृजेश कुमार श्रीवास्तव को मुखबिर से सूचना मिली कि अब्दुल यमुना की तराई में छुपा है।इस पर एसपी ने अपर पुलिस अधीक्षक समर बहादुर सिंह के नेतृत्व में सर्च ऑपरेशन के लिए टीम गठित की।इसमें चायल, सिराथू, मंझनपुर सीओ और 10 थाने की फोर्स और पीएसी ने भखंदा सहित यमुना की तराई में पहुंचकर सर्च ऑपरेशन शुरू किया।लगभग पांच घंटे चले ऑपरेशन में अब्दुल को शरण देने वाले 5 लोग गिरफ्तार किए गए।इनके पास से 8 लाइसेंसी रायफल, बंदूक, एक तमंचा और भारी मात्रा में कारतूस बरामद हुए। यहां अब्दुल के कई सगे संबंधियों के यहां छापेमारी की गई तो हथियारों का जखीरा बरामद हुआ।पुलिस ने भखंदा गांव के निजामुद्दीन, अजमल, शाहिद उर्फ राजू, बिलाल एवं मोहम्मद असलम को गिरफ्तार किया है।हैरानी की बात यह है कि जिन लोगों के पास से असलहे मिले हैं, उनसे से एक भी व्यक्ति के नाम पर असलहा दर्ज नहीं है।पुलिस को शक है कि बरामद असलहे चोरी के हैं। बता दें कि कि प्रयागराज के धूमनगंज थाना क्षेत्र के नीवा गांव निवासी तत्कालीन बहुजन समाज पार्टी के विधायक राजू पाल की 25 जनवरी 2005 को शहर में हत्या कर दी गई थी। इस मामले में माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ सहित 18 से अधिक लोगों का नाम सामने आया था। राजू पाल की पत्नी पूजा पाल ने मामले में इन लोगों के खिलाफ केस दर्ज कराया था।आरोप है कि पुलिस ने विवेचना कर अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी थी और केस को ठंडे बस्ते में डाल दिया था। इस पर पूजा पाल ने शासन से सीबीआई जांच की मांग उठाई। शासन के निर्देश पर सीबीआई ने जांच की तो कौशांबी के सरायअकिल थाना क्षेत्र के भखंदा निवासी अब्दुल कवि का भी नाम सामने आया।सीबीआई की विवेचना के बाद अब्दुल कवि के खिलाफ भी केस दर्ज हुआ,लेकिन 18 साल से वो सीबीआई, एसटीएफ और पुलिस को चकमा देकर फरार है।हाल ही में अब्दुल के भाई अब्दुल कादिर को पुलिस ने अवैध असलहों के जखीरे के साथ पकड़ा था।केस दर्ज करने के बाद उसे जेल भेज दिया गया था।पुलिस ने अब्दुल पर 50 हजार का इनाम भी घोषित किया था।

( संध्या सिंह की खास रिपोर्ट )
