उत्तर प्रदेश कानपुर मकरावटगंज में अध्यक्ष धनीराम पैंथर द्वारा बाबा साहब डॉ भीमराव अम्बेडकर की 132 वीं जयंती समारोह का आयोजन कर दी गई श्रद्धांजलि। ( दीपक कुमार की खास रिपोर्ट )

( कानपुर मकरावटगंज में अध्यक्ष धनीराम पैंथर द्वारा बाबा साहब डॉ भीमराव अम्बेडकर की 132 वीं जयंती समारोह का आयोजन कर दी गई श्रद्धांजलि )
उत्तर प्रदेश कानपुर भारतीय दलित पॅंथर उत्तर प्रदेश के तत्वावधान में दलित, शोषित समाज की राष्ट्रनायक विश्वविख्यात भारतीय संविधान के रचयिता बोधिसत्व परमपूज्य बाबा साहब डॉ०भीमराव अम्बेडकर जी का 132वां जन्मोत्सव बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मैकरावर्टगंज (छोटी पार्क) कानपुर नगर में विगत वर्षो की भांति बाबा साहब के व्यक्तित्व एवं जीवन पर प्रकाश डाला गया। अम्बेडकर जन्मोत्सव कार्यक्रम की अध्यक्षता माननीय एस०एन० चक जी (पूर्व पुलिस महानिदेशक), मुख्य अतिथि पूज्य भन्ते करूणा करण जी. नई दिल्ली एवं मुख्य वक्ता माननीय लोटनराम निषाद जी (राष्ट्रीय महासचिव राष्ट्रीय निषाद संघ) ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि डा० बाबा साहब भीम राव अम्बेडकर एक ऐसे मसीहा हुए जिन्होंने जीवन पर्यन्त गरीब, शोषित, पीडित, मजलूमों व नारियों के उत्थान के लिए आजीवन संघर्ष किया और भारतीय संविधान की रचना कर सबको बराबरी का अवसर प्रदान किया। आजादी से पूर्व इस भारत वर्ष में अस्पृश्यता छूआ-छूत चरम सीमा पर थी दलितों, पिछड़ों व नारियों को पढ़ने लिखने का अधिकार नहीं था ऐसी कठिन परिस्थितियों में डॉ० बाबा साहब भीम राव अम्बेडकर जी ने सबको सामनता का अवसर भारतीय संविधान के माध्यम से किया। डॉ० बाबा साहब अम्बेडकर की तुलना जवाहर लाल नेहरू आदि से नही की जाती है बल्कि उनकी तुलना अरस्तु फीदल कस्बो, माओत्से तुंग जैसे महान दार्शनिकों के साथ की जाती है।

( दीपक कुमार की खास रिपोर्ट )
