अलवर जिले रैणी तहसील क्षेत्र निवासी जलेसर बार्डर पर तैनात सैनीक की हृदय गति रुक जाने पर इलाज के दौरान हुई मौत गांव पहुंचे शव से छा गया मातम बेटे बेटी ने बंदे मातरम के जयकारे लगकर दी अंतिम विदाई। ( अनिल कुमार की खास रिपोर्ट अलवर )

 ( रैणी तहसील क्षेत्र निवासी जलेसर बार्डर पर तैनात सैनीक की हृदय गति रुक जाने पर इलाज के दौरान हुई मौत गांव पहुंचे शव से छा गया मातम बेटे बेटी ने बंदे मातरम के जयकारे लगकर दी अंतिम विदाई )

राजस्थान अलवर जिले की रैणी तहसील के ग्राम पंचायत कानेटी के गांव नांगल सोहन निवासी हवलदार गिर्राज प्रसाद मीणा की हृदय गति रुकने से मौत हो गई । गिर्राज प्रसाद मीणा सीमा सुरक्षा बल बल में सन 1995 में भर्ती हुए थे तथा उनकी वर्तमान समय जैसलमेर बॉर्डर पर ड्यूटी थी ।वह 15 दिन पहले छुट्टी काट कर गांव से गए थे ।वहां जाने पर उन्हें श्रीनगर ट्रेनिंग के लिए भेजा गया 194 बटालियन से आए सहायक उप निरीक्षक सुमित नेगी ने बताया कि इनको ड्यूटी के दौरान सीने में दर्द हुआ । इनके बताने पर इन्हें सीमा सुरक्षा बल के अस्पताल में भर्ती कराया गया वहां से डॉक्टरों द्वारा पंथा चौक स्थित निजी स्वास्थ्य केंद्र को रेफर कर दिया गया जहां उपचार के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया जिनके पार्थिक देह को एयरप्लेन की सहायता से दिल्ली लाया गया । वहां से 95वी वाहिनी द्वारा सेना के वाहन से उनके गांव में लाया गया । जहां पर परिवार जनों का रो-रो कर बुरा हाल था। वही 95 वी वाहिनी से आए निरीक्षक ने मातमी धुन बजाकर जवान को गार्ड ऑफ ऑनर के साथ अंतिम विदाई दी गई । तथालोगों की आंखें नम हो गई। पुत्र हरीश कुमार एवं पुत्री पायल मीणा ने अपने पिता को मुखाग्नि दी। तथा भारत माता की जय के जयकारे लगाकर अपने पिता को अंतिम विदाई दी। इस अवसर पर रामजीलाल,पूर्व डेयरी चेयरमैन बन्नाराम मीण, नागराज शर्मा, पुलिस के आला अधिकारी सहित सैकड़ों ग्रामीण मौजूद थे |

( अनिल कुमार की खास रिपोर्ट अलवर )

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