उत्तर प्रदेश शबे बरात होली ऐसे अवसर पर करोना फिर पकड़ रहा जोर अधिक एहतियात करें। ( ब्यूरो प्रमुख सन्नेश कुमार गुप्ता के हैदर अली की खास रिपोर्ट )


( उत्तर प्रदेश शबे बरात, होली ऐसे अवसर पर आने वाले हैं जब करोना फिर जोर पकड़ रहा है। इस लिए अधिक एहतियात करें। )
उत्तर प्रदेश जिला फिरोजाबाद इस्लामिक सेंटर इस सिलसिले में एड वाइजरी जारी की 26 मार्च 2021।
इस्लामिक सेंटर के सचिव मौलाना आलम मुस्तफा याकूबी ने अपने बयान में कहा की शबे बरात एक बरकत वाली रात है, इस अवसर पर खूब इबादत की जाती हैं, फर्ज़ क़ाजा नमाज और नफली नमाजें पढ़ी जाती हैं, कुरान पाक की तिलावत की जाती है, तस्बीह और वजीफे पढ़े जाते हैं, अपने लिए और देश के लिए दुआएं मांगी जाती हैं, सदका खैरात का एहतिमाम होता है, और कुछ लोग कब्रिस्तान भी जाते हैं अपने रिश्तेदारों और अन्य मरहोमिन के लिए दुआ मगफिरत करते है, और अगले दिन नफल रोजा रखते है।
मौलाना आलम मुस्तफा यकूबी ने कहा कि इस साल यह पवित्र रात 28 मार्च 2021 इतवार को होगी इसी रात में हमारे हिंदू भाई होली जलायेंगे इसलिए अपने कामों को पूरा करने में अधिक से अधिक एहतियात करें। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस कोविड-19 जैसी भयानक वबा को 1 साल हो गया है। मगर यह वबा रुकने का नाम नहीं ले रही है। इसी की वजह से गत वर्ष 2020 में हमारी इबादत और तमाम धार्मिक मामलात थम गए थे। यह वाबा अभी खत्म नहीं हुई है इसलिए अधिक से अधिक सुरक्षा के उपाय अपनाये जायें।
शबे बरात के सिलसिले में इस्लामिक सेंटर फिरोजाबाद ने निम्नलिखित बिंदुओं पर आधारित एडवाइजरी जारी की है।
1- 28 मार्च 2021 को शबे बरात है इसी रात में होली भी जलाई जाएगी इसलिए समझदारी और एहतियात से काम लें।
2- कहीं भी 4 आदमियों से अधिक जमा ना हों।
3- कब्रिस्तान में मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग (समाजी दूरी) का विशेष ख्याल रखें।
4- आतिशबाजी और अन्य फुजूल काम न घर पर न घर के बाहर करें।
5- अगले दिन 29 मार्च का रोजा नाफिल है जो अपनी इच्छा से रखना चाहे तो रखसकता है।
6- इफ्तार और सेहरी के समय फुजूल बाजारों में भीड़ न लगाएं और घरों और मस्जिदों में अन्य दुआओं के साथ इस वबा के अंत के लिए विशेष दुआयें करें।
7- शाबान का पूरा महीना फजीलतों का है। इसलिए आज कल सदके और खैरात का अधिक से अधिक एहतमाम करें।
8- शबे बरात के अवसर पर जरूरतमंदों, गरीबों और बीमारों का ख्याल रखें। और अन्य जरूरतों का पूरा करने की हर मुमकिन कोशिश करें।
9- कोविड प्रोटोकॉल पर अमल करते हुए 10 वर्ष से कम आयु के बच्चे और 60 वर्ष से अधिक आयु वाले लोग कब्रिस्तान ना जायें।
10- धूल वाले दिन रंग खेला जाता है ऐसे में हमारे नौजवान , हमारे जवान, लड़के फुजूल सड़कों पर चौराहों पर हरगिज़ ना खड़े हों अगर कोई जरूरत के लिए बाहर निकले तो अपने आपको खुद बचाएं, ताजी शांति और आपसी सौहार्द के साथ त्यौहार संपन्न हो और ना ही किसी समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचाई जाए जिससे शांति भंग हो और हमारे शहर को बुरी नजर ना लगे।

( ब्यूरो प्रमुख सन्नेश कुमार गुप्ता की खास रिपोर्ट )
