उत्तर प्रदेश कानपुर नगर नवीन मार्केट में बेजुबानों की रसोई बेजुबान प्राणियों पर बढ़ते अमानवीय रवैया क्रूरता की घटनाओं को देखते हुए बेजुबान अधिकारों को कार्य करने वाली संस्थाओं ने लोगों को पशु अधिकारों व उनके विषय मे जन जागरण कार्यक्रम का किया गया आयोजन । ( यूपी हेड संध्या सिंह की खास रिपोर्ट )

उत्तर प्रदेश कानपुर नगर नवीन मार्केट में बेजुबान प्राणियों पर बढ़ते अमानवीय रवैय्ये व क्रूरता की घटनाओं को देखते हुए कानपुर में बेजुबाँनों के अधिकारों के लिए कार्य करने वाली व उनकी हर सम्भव मदद अपने संशाधनों से करने वाली संथाओं ने आज एक साथ आ कर, नवीन मार्केट में लोगों के बीच में पशु अधिकारों व उनके लिए मानवीय रवैय्या अपनाने के विषय मे जन जागरण कार्यक्रम चलाया।

रिस्पेक्ट द वाइसलेस संस्था चलाने वाली शुभांगी सरावगी और कनिका बजाज ने कहा पशु क्रूरता पर बने कानूनों व पशुओं के अधिकारों के कानूनों की जानकारी हर थाने में लिखी हुई होनी चाहिए ताकि पुलिस भी ऐसे मामलों में थोड़ी संवेदना बरतें।

सेवा दान फाउंडेशन जय श्री आशुतोष त्रिपाठी और पल्लवी शुक्ला ने कहा बेजुबानों के लिए कार्य करने वाली संस्थाओं को सैंपल की दवाएं दवा कंपनियों को उपलब्ध कराने के लिए आगे आना चाहिए संस्थाओं के लिए यह बहुत खर्चीला होता है और उनके कार्य में अक्सर दवाओं का महंगा होना एक बाधा बनता है।

स्ट्रीट्स डॉग ऑफ कानपुर की नैनप्रीत कौर और आकृति राजपाल ने बताया किसी भी पशुओं को घायल करना आईपीसी की धारा 428 के तहत गैर जमानती अपराध है जिसके तहत घायल करने वाले व्यक्ति को 5 साल की सजा का प्रावधान है । पशु की हत्या करने पर आईपीसी की धारा 429 के तहत 7 साल की सजा का प्रावधान है।

उम्मीद एक किरण के मयंक त्रिपाठी और मयंक अवस्थी ने बताया कि पशुओं की देखभाल करने वालों , उन्हें खाना पानी खिलाने वालों को रोकना, डराना, प्रताड़ित करने पर आईपीसी की धारा 503, 504, 506 के तहत एफ आई आर दर्ज कराई जा सकती है।

चेन ऑफ चेंज ऑर्गेनाइज़ेशन के कमल यादव और गौरब अपर्णा बाजपेई ने कहा भारतीय जीव जंतु कल्याण बोर्ड का स्पष्ट आदेश है कि जो पशु जहां जन्मा है उसे वहां से हटाया नहीं जा सकता जो नागरिक ऐसा करता है उस पर आपराधिक मुकदमा दर्ज किया जा सकता है।

बेजुबानों की रसोई चलाने वाले श्री मनहर कांत गिहानी ने कहा आप सभी के घरों से निकलने वाले फलों सब्जियों के छिकलों को, और बासी खाने को कूड़े में मत फेंकिये, आपके लिए वह बेकार है बेजुबाँन बेसहारा पशुवों के लिए वह आहार है!!

स्पेशल ट्रीटमेंट फॉर एनिमल्स एंड रेप्टाइल्स सोसाइटी की तमन्ना सेठी और ज्ञानेंद्र अवस्थी ने बताया गर्मियां आने वाली है और शहर में बेजुबानो के लिए पानी एक बहुत बड़ी समस्या बन जाता है अतः मानवता के नाते अपने घरों के बाहर बेजुबाँनों के लिए पानी की व्यवस्था करें।

नमामि धेनु फाउंडेशन के सचिन गौर और अर्पित जैन ने बताया कि तेज गति से गाड़ियां चलाने के कारण गलियों में बेजुबान जानवर व उनके छोटे बच्चे हैं बुरी तरह जख्मी हो जाते हैं कई बार गाड़ी चलाने वाले भी जख्मी हो जाते हैं आता सड़कों पर बहुत एहतियात से गाड़ी चलानी चाहिए क्योंकि इंसानों का तो इलाज हो जाता है पर बेजुबान बेचारे तड़पते रहते हैं और अंत में अधिकतर मामलों में मर जाते हैं ।
हीरो फाउंडेशन पल्लवी शुक्ला ने बताया कि सरकारी अस्पतालों की स्थिति दयनीय है वहां तक बेजुबानों को कोई लेकर जा नहीं पाता और अगर लेकर जाता है तो पीड़ित जानवर को बहुत अच्छे परिणाम मिलते नहीं है।
प्रखर तिवारी व प्रखर वाजपेई ने कहा बेजुबान जानवर आपसे कुछ कह नहीं सकते किन्तु मनुष्य केवल अपनी जीभ की स्वादपूर्ति के लिए एक मासूम जिंदगी की हत्या को भी तवज्जो नही देते! कृपया ऐसा करने से बचें यह जीव है! इनमें आत्मा है! इन्हें जीने का अधिकार है ।!

राहुल भल्ला व अंकिता यादव ने कहा बेसहारा पशु जब नगर निगम की संपत्ति माने जाते हैं तो इन बेसहारा पशुओं को गर्मियों में पानी पिलाने के लिए नगर निगम को कम से कम पूरे कानपुर में 1000 हौदे जरूर बनवानी चाहिए क्योकि यह जिम्मेदारी सबसे पहले नगर निगम की ही बनती है!!

कार्यक्रम के संयोजक “टीम कानपुर फॉर वॉइसलेस”के संयोजक गौरव बाजपेई (गौरैय्या बचाओ)ने बताया कि आज नवीन मार्केट में पशु क्रूरता व पशु अधिकारों के लिए जन जागरूकता अभियान चलाया गया जिसके तहत लोगों को पंपलेट बांट करके बेसहारा, घायल पशुओं की समस्या के संदर्भ में बातें बताई गई बातों का अनुकरण करने की प्रार्थना की गई
कार्यक्रम में हिमानी श्रीवास्तव, अन्य पशु प्रेमी उपस्थित थे |

( यूपी हेड संध्या सिंह की खास रिपोर्ट )

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