उत्तर प्रदेश औरैया दिबियापुर फफूंद स्टेशन के पास बड़ा ट्रेन हादसा होते होते बचा नाबालिग बच्चो ने एसीबांड तोड़कर निकाला कापर सिग्नल प्रणाली हुई फेल एक अभियुक्त सहित 02 नाबालिगों को किया गया गिरफतार। ( पंकज सिंह राणावत की खास रिपोर्ट )

( दिबियापुर फफूंद स्टेशन के पास बड़ा ट्रेन हादसा होते होते बचा नाबालिग बच्चो ने एसीबांड तोड़कर निकाला कापर सिग्नल प्रणाली हुई फेल एक अभियुक्त सहित 02 नाबालिगों को किया गया गिरफतार )

उत्तर प्रदेश औरैया दिबियापुर फफूंद स्टेशन के पास उड़ीसा जैसा ट्रेन हादसा होते-होते बच गया। उड़ीसा में इंटरलॉकिंग सिस्टम फेल होने के चलते ये हादसा हुआ। उसी तरह से औरैया के फफूंद स्टेशन पर इंटर लॉकिंग सिस्टम से जुड़े (आडियो फ्रीक्वेंसी ट्रैक सिस्टम) में लगे एसीआई बांड तोड़कर कॉपर निकाल लिया गया। जिससे सिग्नल प्रणाली फेल हो गई।सिस्टम फेल सेफ मोड में चले जाने से सिग्नल लाल हो गए। और ट्रेनें रुकने लगी। पीछे स्टेशनों से ग्रीन सिग्नल में दौड़ रही ट्रेन फफूंद स्टेशन पर लाल सिग्नल के कारण खड़ी ट्रेन से टकरा सकती थी। यह घटनाक्रम दो दिन चला और रेलवे व आरपीएफ ने बॉक्स तोड़ते दो नाबालिग को पकड़ लिया। जबकि तीसरा फरार है। आरपीएफ ने एक बर्तन भंडार के मालिक व उसके कर्मचारी को भी पकड़ा है जो यह कॉपर खरीद रहे थे। फफूंद व कंचौसी रेलवे स्टेशन के बीच एएफटीसी के एसीआई बांड के आधा दर्जन से अधिक बॉक्स तोड़कर उसमें से कॉपर निकाल लिया गया। पहली घटना 20 मई को हुई। घटना के बाद अचानक ही सिग्नल फेल सेफ मोड में चले गए। जिससे सिग्नल लाल हो गए।सिग्नल लाल होने पर रेलवे के सिग्नल तकनीकी टीम में खलबली मची। आरपीएफ टीम के साथ जब निरीक्षण किया गया तो बॉक्स टूटे मिले। जिसमें कॉपर गायब था। तकनीकी टीम ने तत्काल इसको ठीक किया। यह घटना फिर दूसरे दिन 21 मई को हुई। अब तक छह बॉक्स से तोड़कर ऐसा किया गया। अगर जरा सी चूक होती उड़ीसा जैसी घटना घटित हो सकती थी। आरपीएफ ने सक्रियता दिखाई और दिबियापुर की कंजड़ बस्ती निवासी दो नाबालिगों को पकड़ लिया। जिनसे चोरी का कुछ कॉपर भी बरामद हुआ। आरपीएफ के थाना प्रभारी रजनीश राय ने बताया कि यह लोग चोरी करके पास के ही शंकर बर्तन भंडार में बेंच देते थे। आरपीएफ ने बर्तन मालिक और उसके कर्मचारी को पकड़ा है। जिस पर नगर के कुछ लोग पहुंच गए। आरपीएफ पर व्यापारी को छोड़ने का दबाव बनाया। जिस पर आरपीएफ ने दो नाबालिग व एक कर्मचारी की फोटो वायरल की। इस पर सोशल मीडिया में व्यापारी को छोड़ने का विषय चर्चा में आ गया। इसके बाद आरपीएफ ने व्यापारी को छोड़ने के बाद फिर से हिरासत लेकर चालान कर दिया। आरपीएफ के सूत्रों ने बताया की दो नाबालिगों को औरैया किशोर बोर्ड न्यायालय भेजा गया है। जबकि दुकानदार शंकर पोरवाल व उसके कर्मचारी नेते पोरवाल को अलीगढ़ स्थित रेलवे के न्यायालय भेजा गया है। जानकारों का कहना है कि एक एसीआई is बॉक्स में लगे कॉपर को बाजार में 3500 तक में बेचा जा सकता है। लेकिन दुकानदार इसे और सस्ते में ले रहा था। नाबालिग चोर शौक को पूरा करने के लिए एक दो बॉक्स तोड़कर इसे बेंचकर ऐश कर रहे थे। छह बॉक्स तोड़ चुके थे। जिसमें आरपीएफ तीन बॉक्स का कॉपर भी बरामद कर चुकी है। उड़ीसा में इसी सिस्टम में लाल नहीं हुए थे। सिग्नलउड़ीसा हादसे में रेलवे बोर्ड को । ऑपरेशन एंड बिजनेस डेवलपमेंट मेंबर जया वर्मा सिन्हा ने बताया था कि इंटरलॉकिंग सिस्टम में छेड़छाड़ के बाद सिस्टम फेल सेफ हो जाता है और सिग्नल लाल हो जाते हैं। ऐसे में ग्रीन होना ही हादसे का वजह बनी।प्रयागराज के रेलवे बोर्ड के पीआरओ अमित कुमार ने बताया, अगर यहां भी सिस्टम फेल सेफ मोड में न जाकर सिग्नल लाल न होते तो ट्रेनें बिना रुके दौड़ती और आगे एक दूसरे से टकरा सकती थी। इसकी विस्तृत जांच होगी। घटना को लेकर पूरी जानकारी की जा रही है। पुनरावृत्ति न हो इसका ध्यान रखा जायेगा।


( पंकज सिंह राणावत की खास रिपोर्ट )

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