उत्तर प्रदेश औरैया पुलिस अधीक्षक द्वारा पुलिसकर्मियों के रहने की समस्या का निस्तारण हेतु चिन्हित किया गया 03 थानो का आवासीय भूमि निरिक्षण । ( पंकज सिंह राणावत की खास रिपोर्ट )

( पुलिस अधीक्षक द्वारा पुलिसकर्मियों के रहने की समस्या का निस्तारण हेतु चिन्हित किया गया 03 थानो का आवासीय भूमि निरिक्षण )

उत्तर प्रदेश औरैया पुलिस अधीक्षक चारु निगम ने दिबियापुर, अछल्दा, बिधूना थाने में आवासीय बैरिक व विवेचना कक्ष के निर्माण के लिए भूमि चिन्हित करने हेतु थाना परिसर का मुआयना किया। बैरक बनने से थानों पर तैनात पुलिस कर्मियों के रहने की समस्याएं दूर होगी। अब उन्हें किराए पर कमरा ढूंढने की समस्या से मुक्ति मिलने की उम्मीद जग गई है। इसके लिए प्रत्येक थानों पर हॉस्टल बनाया जाएगा। इसके साथ ही अलग से विवेचना कक्ष का निर्माण होगा। शासन के निर्देश पर कार्यदाई संस्था उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद की ओर से प्रस्ताव तैयार कराकर एसपी के माध्यम से पुलिस मुख्यालय लखनऊ भेजा गया था जो स्वीकृत होकर अब टेंडर हो रहे है और शीघ्र ही काम शुरू होगा। जिले में कुल 13 थाने है। जिसमें थानों पर एसओ, एसआई समेत करीब 100 की संख्या में पुलिस कर्मी तैनात है। सबसे बड़ी समस्या पुलिस कर्मियों के समक्ष आवास की है। इसमें महिला पुलिस कर्मियों को खास परेशानी है। थानों पर बैरक की क्षमता कम है। जिसकी वजह से अधिकांश पुलिस कर्मियों को प्राइवेट कमरा ढूंढना पड़ता है। इसमें परेशानी तब बढ़ जाती है ,जब पुलिस कर्मी किसी थाने पर नियुक्त होते है और फिर वह कमरा तलाशते है। कम समय में यदि उनका तबादला दूसरे थाने पर होता है तो वही समस्या फिर सामने खड़ी हो जाती है। शासन ने पुलिस कर्मियों के निवास की समस्या को गंभीरता से लिया है। इसके लिए एक जून 2022 को शासनादेश जारी करके प्रदेश के सभी जिलों में थानों पर हॉस्टल और विवेचना कक्ष बनाए जाने का निर्णय लिया है। जिसको लेकर औरैया जनपद में करीब 9 थानों में विवेचना कक्ष, बैरिक आदि बनेंगे।

( पंकज सिंह राणावत की खास रिपोर्ट )

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