उत्तर प्रदेश जिलाधिकारी द्वारा धात्री महिलाओं के नवजात शिशुओं के स्वस्थ पोषण के लिए अन्नप्राशन व पोषण किट किया गया वितरण सभी आंगनबाड़ी केंद्रों की कार्यकत्री महिलाओं दिए गए निर्देश। ( पंकज सिंह राणावत की खास रिपोर्ट )

( जिलाधिकारी द्वारा धात्री महिलाओं के नवजात शिशुओं के स्वस्थ पोषण के लिए अन्नप्राशन व पोषण किट किया गया वितरण सभी आंगनबाड़ी केंद्रों की कार्यकत्री महिलाओं दिए गए निर्देश )

उत्तर प्रदेश औरैया स्वास्थ्य बच्चे ही देश के अच्छे नागरिक बनकर देश का भविष्य बनेंगे। इसलिए सभी धात्री माताओं को पौष्टिक आहार का सेवन करना चाहिए। जिलाधिकारी नेहा प्रकाश ने उक्त विचार औरैया ब्लाक सभागार में संभव अभियान 2023 के अंतर्गत ब्लॉक स्तरीय आयोजित कार्यशाला में व्यक्त करते हुए कहा कि अच्छा जीवन के जीने के लिए शरीर का स्वस्थ होना बहुत आवश्यक है, इसलिए शिशु के जन्म से पूर्व ही उसको स्वस्थ पोषण मिले इसका विशेष ध्यान रखा जाए, इसके लिए धात्री माताओं को अच्छा पोषण आहार करना चाहिए। उन्होंने सभी आंगनबाड़ी कार्यकत्री महिलाओं को कहा कि अपने-अपने क्षेत्र में अभियान चलाते हुए अधिक से अधिक धात्री महिलाओं, नवजात शिशुओं एवं कुपोषित/अतिकुपोषित बच्चों का चयन कर जागरूकता पैदा करें। जिलाधिकारी ने उक्त अवसर पर धात्री महिलाओं की गोद भराई नवजात शिशुओं को अन्नप्राशन व पोषण किट भी वितरित की। मुख्य विकास अधिकारी अनिल कुमार सिंह ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी आंगनवाड़ी कार्यकर्ती महिलाओं को कहा कि कार्यक्रम के दौरान जो भी आवश्यक बिंदुओं पर चर्चा की गई है उसके द्वारा अपने क्षेत्र में आंगनवाड़ी केंद्रों पर आने वाली महिलाओं तथा बच्चों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करें। उन्होंने कहा कि संचारी रोग नियंत्रण अभियान व संभव अभियान के अंतर्गत निर्गत विस्तृत कार्य योजना के अनुक्रम में शत-प्रतिशत अनुपालन करना सुनिश्चित करें। जिला कार्यक्रम अधिकारी बीरेंद्र कुमार ने कार्यक्रम के अंतर्गत अवगत कराया कि संभव अभियान माह जून 2023 से सितंबर 2023 तक चलेगा, जिसके अंतर्गत आंगनवाड़ी केंद्र पर पंजीकृत समस्त बच्चों का वजन व ऊंचाई/लंबाई का परीक्षण कर पोषण की श्रेणी की पहचान करना, चिन्हित बच्चों को सीएचसी/पीएचसी/एनआरसी पर संदर्भित कराने हेतु अभिभावकों को प्रेरित करना, वीएचएसएनडी सत्र पर सेम बच्चों के प्रबंधन कराना, इसके बाद चयनित बच्चों के स्वास्थ्य प्रबंध का फॉलोअप करना, कुपोषित बच्चों के स्वास्थ्य में सुधार का आकलन करना तथा पोषण स्तर में सुधार की स्थिति ट्रैक कर ई-कवच पर अद्यतन करना आदि कार्य चलेंगे।कार्यशाला के दौरान बाल विकास परियोजना अधिकारी, एमओआईसी, मंडल समन्वयक, यूनिसेफ तथा आंगनवाड़ी कार्यकत्री उपस्थित रहीं।


( पंकज सिंह राणावत की खास रिपोर्ट )

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