उत्तर प्रदेश औरैया बिधूना क्षेत्र के चैतन्य अवस्थी ने यूपीएससी की मे 37 वीं रैंक प्राप्त कर बनें आईएएस आधिकारी जिले का नाम किया रोशन किया गया भव्य स्वागत। ( पंकज सिंह राणावत की खास रिपोर्ट )


( बिधूना क्षेत्र के चैतन्य अवस्थी ने यूपीएससी की मे 37 वीं रैंक प्राप्त कर बनें आईएएस आधिकारी जिले का नाम किया रोशन किया गया भव्य स्वागत )
उत्तर प्रदेश औरैया जिले के बिधूना तहसील के सहायल के पास गांव बेल्हूपुर के रहने वाले वरिष्ठ संपादक रहे स्व संत शरण अवस्थी के पुत्र चैतन्य अवस्थी ने यूपीएससी की परीक्षा में 37वीं रैंक पाकर आईएएस बन पर पूरा जिला गौरवांवित हुआ । चैतन्य के स्वागत में नवीमोहन के एक गेस्ट हाउस में एक कार्यक्रम का आयोजन हुआ, जिसे चैतन्य ने अपने माता पिता के योगदान पर आयोजन का नाम प्रतिमा संत पर आधारित किया। जिसमें संत शरण अवस्थी के जीवन पर डाक्यूमेंट्री प्रस्तुत की गई। इसके अलावा चैतन्य के अलावा तमाम वक्ताओं ने संत शरण के स्मरण को सुनाकर सभी को भावुक कर दिया। प्रतिमा संत के संघर्षों पर आधारित कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन व सरस्वती वंदना के साथ हुई। इसके बाद सांस्कृतिक कार्यक्रम व गीत प्रस्तुत किए गए। मंच पर लगी स्क्रीन पर डाक्यूमेंट्री फिल्म भी प्रदर्शित की गई। कार्यक्रम में सांसद देवेंद्र सिंह भोले, पूर्व मंत्री रामबाबू यादव, अतुल आक्रोश, वरिष्ठ पत्रकार रमा शरण अवस्थी,प्रधानाचार्य राजेश कुमार अग्निहोत्री ने संतु भैया के संस्मरणों को सुनाकर भाव विभोर किया। इसके साथ ही चैतन्य से उनके लोकहित व जनहित के कार्यों को बढ़ाते रहने की बात कहीं। कार्यक्रम में लहरापुर के गुड्डू सिंह राजावत व युवा समाजसेवी श्यामू सिंह ने 51किलो की माला चैतन्य व उनकी मां प्रतिमा अवस्थी एवं चाचा रमा शरण अवस्थी के अलावा एसपी चारु निगम व सांसद देवेंद्र सिंह भोले को संयुक्त रूप से पहनाई। कार्यक्रम में अकबरपुर सांसद देवेंद्र सिंह भोले, एसपी चारु निगम ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करने वाले बच्चों को सम्मानित किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए चैतन्य अवस्थी ने बताया कि किस मुश्किल हालातों में उनके माता पिता ने उन्हें पढ़ाया और परवरिश की। बताया कि उनके पिता का कहना था की एक बार यूपीएससी परीक्षा देना जरूर। वह हमेशा पढ़ाई के लिए प्रेरित करते थे। कोरोना काल में अस्पताल में भर्ती के समय भी वह पढ़ने को ही प्रेरित करते रहे वह पिता ही नहीं एक अच्छे दोस्त भी थे। उनके निधन के बाद सब उजड़ सा गया था, तब मेरी मां प्रतिमा अवस्थी ने हौसला बढ़ाया और आज जो मुकाम पर पहुंचा हूं। वह माता पिता और उन दोस्तों की बदौलत जो उस समय मेरे कष्ट में मेरे साथ एक ढाल बनकर खड़े रहे। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से आईएएस प्रेम शंकर पांडेय, दादा सुरेश अवस्थी, दिल्ली हाईकोर्ट के अधिवक्ता संजीव दुबे, दिबियापुर चेयरमैन राघव मिश्रा, राजेंद्र सिंह गौर, रमेश सिंह, संजीव गुप्ता, कपिल यादव, गोलू अवस्थी के अलावा बिधूना एसडीएम निशांत तिवारी, सीओ बिधुजा ,सहायल थानाध्यक्ष समेत तमाम गणमान्य नागरिक व कानपुर से आए व्यापारी व समाजसेवी मौजूद रहे। वही कार्यकम में मौजूद अखिल भारतीय ब्राह्मण एकता परिषद के जिलाध्यक्ष पंडित ब्रजकिशोर तिवारी, जिला उपाध्यक्ष गिरीश तिवारी, व्यापार प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष सुशील कुमार दुबे व महासचिव व्यापार प्रकोष्ठ अनिल शुक्ला, नीलम शास्त्री, पंकज दुबे एवं धर्मेंद्र उर्फ पिंकू दुबे ने भी यूपीएससी में जिले का नाम रोशन करने वाले चैतन्य अवस्थी को अंग वस्त्र भेंट कर माल्यार्पण किया तथा मिठाई खिलाकर मुंह मीठा कराया। उधर दर्शन सिंह स्मृति महाविद्यालय में यूपीएससी की परीक्षा में आईएएस के लिए आल इंडिया 37वीं रेंक लाने वाले बेल्हूपुर गांव निवासी चैतन्य अवस्थी का शुक्रवार को नागरिक अभिनंदन किया गया। उनके पिता स्व. संत शरण अवस्थी को भी याद किया गया।
सम्मान समारोह में अकबरपुर सांसद देवेंद्र सिंह ने चैतन्य की सफलता को विशेष उपलब्धि बताया। मां प्रतिमा अवस्थी सहित सभी लोगों के जनकल्याण की भावना से ओतप्रोत यादें भी साझा की। दिल्ली हाईकोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता संजीव दुबे ने संस्मरण के माध्यम से चैतन्य को जिले का गौरव बताया। इस मौके पर जिला पंचायत अध्यक्ष कानपुर देहात नीरज रानी,कंचौसी चेयरमैन राजू सिंह, ब्लाक प्रमुख आकाश सिंह आदि रहे।

( पंकज सिंह राणावत की खास रिपोर्ट )
