उत्तर प्रदेश बांदा बबेरू पुलिस व एसटीफ टीम द्वारा चेकिंग/दबिश के दौरान डीसीएम से कार्टून में छिपा कर ले जा रहे 25/25 किलो की 04 बोरी अवैध मादक पदार्थ ( गांजा) लगभग 09 लाख कीमत का बरामद कर 02 अभियुक्तों को किया गया गिरफ्तार 03 अभियुक्त हुए फरार। ( धन्नजय सिंह की खास रिपोर्ट )


( बबेरू पुलिस व एसटीफ टीम द्वारा चेकिंग/दबिश के दौरान डीसीएम से कार्टून में छिपा कर ले जा रहे 25/25 किलो की 04 बोरी अवैध मादक पदार्थ ( गांजा) लगभग 09 लाख कीमत का बरामद कर 02 अभियुक्तों को किया गया गिरफ्तार )
उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में उड़ीसा से तस्करी कर डीसीएम में लाया जा रहा एक क्विंटल गांजा एसटीएफ और बबेरू पुलिस ने रविवार को कमासिन-राजापुर मार्ग पर पकड़ा।पकड़े गए गांजे की कीमत नौ लाख रुपये बताई जा रही है। डीसीएम में खाकी रंग से लदे कार्टूनों में गांजा छुपाकर रखा गया था।पुलिस ने दो गांजा तस्करों को गिरफ्तार किया है। जबकि तीन फरार हो गए।एसटीएफ यूनिट प्रयागराज के एसआई रणेंद्र कुमार की सूचना पर बबेरू कोतवाल पंकज सिंह ने टीम के साथ बबेरू के कमासिन राजापुर मार्ग पर रविवार को मुरवल के पास नाकाबंदी की थी। इसी दौरान आई डीसीएम को रोका तो उसमें सवार मेरठ जिले के कंकड़ खेड़ा थाना क्षेत्र के नगलावासी गांव निवासी यशपाल सिंह और गाजियाबाद जिले के भोजपुर थाना क्षेत्र के काशी सैदपुर निवासी बिल्ली उर्फ बीर सिंह से पूछताछ की। डीसीएम की तलाशी लेने पर प्लास्टिक के कबाड़ पंखे और 100 कार्टून अंदर लदे हुए मिले।कार्टूनों में गांजा भरा था। पकड़े गये गांजा तस्करों ने बताया कि वह उड़ीसा से गांजा लाकर झांसी, बांदा, बबेरू और मेरठ पहुंचाने जा रहे थे। पूछताछ में बताया कि मेरठ निवासी रिंकू राठी ने प्रति चक्कर माल पहुंचाने के लिए एक लाख रुपये देने की बात कही थी। इसके अलावा उन्होंने हरियाणा के झझर गांव निवासी राकेश, मनीष के नाम भी उजागर किए। बताया कि सभी वाटसअप कॉल करके गांजा की तस्करी कराते हैं। पुलिस ने गांजा तस्करों द्वारा दिये गये बयान के आधार पर पांच तस्करों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट में मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस तीनों गांजा तस्करों की तलाश में जुट गई है। बबेरू इंस्पेक्टर पंकज सिंह ने बताया कि बरामद गांजा 25-25 किलोग्राम की चार बोरियों में भरा गया है।बरामद गांजा की बाजार में कीमत करीब नौ लाख रुपये होगी।

( धन्नजय सिंह की खास रिपोर्ट )
