उत्तर प्रदेश औरया फफूंद क्षेत्र गेस्ट हाउस में पुस्तक विमोचन कार्यक्रम का किया गया आयोजन। छै सौ चौवन पेज की पुस्तक को देखने उमड़ी भीड़। ( पंकज सिंह राणावत की खास रिपोर्ट )


( फफूंद क्षेत्र गेस्ट हाउस में पुस्तक विमोचन कार्यक्रम का किया गया आयोजन। छै सौ चौवन पेज की पुस्तक को देखने उमड़ी भीड़ )
उत्तर प्रदेश औरैया फफूंद कस्बे के एक गेस्ट हाउस में पुस्तक विमोचन कार्यक्रम आयोजित किया गया जिसमें क्षेत्रीय लोगों की भारी भीड़ उमड़ी। दो जनपदों का इतिहास संजोए पुस्तक इटावा कल आज और कल का विमोचन करके जिले के इतिहास से रूबरू कराया । तिराह चमनगंज स्थित एक गेस्ट हाउस में रविवार अपरान्ह पुस्तक विमोचन कार्यक्रम आयोजित किया गया। रिटायर्ड आई पी एस हरीश कुमार ने कार्यक्रम में पहुंचकर इटावा औरैया के इतिहास पर लिखी गई अपनी पुस्तक इटावा कल आज और कल का विमोचन करते हुए अपने संबोधन में कहा की वह गांव जांस नगर के रहने वाले हैं तब इटावा जिला ही उनका जनपद था नौकरी के दौरान भी उनका जन्मभूमि से लगाव कम नही हुआ। जिले के विभाजन के बाद मेरा निवास औरैया जिले में आ गया दोनो जिलों में बड़ी संख्या में डाक्टर, इंजीनियर और अन्य विभागों में सरकारी नौकरी करने वाले लोग अपनी जन्मभूमि से दूर जाकर बस गए और काफी लंबे समय से उनका अपने जिले से संपर्क नही हुआ जिससे उनकी युवा पीढ़ी को जनपद के इतिहास की जानकारी नहीं हो रही थी।जबकि चार सौ चौवन कमीशन अधिकारी, तेरह जज और सैकड़ों स्वतंत्रता सेनानी देने वाले दोनो जिलों के इतिहास को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का उद्देश्य लेकर तमाम व्यस्तता के बाबजूद भी उन्होंने पुस्तक को पूरा किया बताया की इटावा औरैया के इतिहास पर लिखी गई छः सौ चौवन पेज की पुस्तक में जिले का भूगोल, बीहड़ और बागी समेत पच्चासी चर्चित स्थलों की भी पूरी जानकारी उपलब्ध कराई गई है ताकि आने वाली पीढ़ी भी इतिहास को पढ़कर जानकारी हासिल करे। पुस्तक में औरैया जिले के महत्त्व का भी विशेष जिक्र किया गया है।इस दौरान कार्यक्रम संयोजक कोरी कोली महासभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बेंचेलाल कोरी, मास्टर सलीम खान, कुदरत उल्ला खान, दया नारायण मिश्रा, गोपाल कृष्ण मिश्रा, रामशंकर कुशवाह, कमला देवी, गीता कुशवाह, हाजी वहीद, देवी दयाल दिनकर समेत तमाम लोग मौजूद रहे।

( पंकज सिंह राणावत की खास रिपोर्ट )
