उत्तर प्रदेश मेरठ पुलिस इंटेलिजेंस टीम में तैनात में महिला इंस्पेक्टर ने तोता खोने पर तोता लगाकर देने वाले को 5,000 रुपए का ईनाम किया गया घोषित। ( धन्नजय सिंह की खास रिपोर्ट )


( पुलिस इंटेलिजेंस टीम में तैनात में महिला इंस्पेक्टर ने तोता खोने पर तोता लगाकर देने वाले को 5,000 रुपए का ईनाम किया गया घोषित )
उत्तर प्रदेश मेरठ पुलिस इंटेलिजेंस टीम में तैनात में महिला इंस्पेक्टर को घायल अवस्था में तोता मिला था। महिला इंस्पेक्टर ने तोते को अपने घर में रखा और उसका इलाज कराया।लगभग 20 दिनों बाद घर से तोता घर से कहीं उड़कर चला गया।अब तोता मिल नहीं रहा है।महिला इंस्पेक्टर का कहना है कि जो उनके तोते को खोजकर लाएगा उसे 5 हजार रुपए का इनाम मिलेगा।
मेरठ एलआईयू में इंस्पेक्टर पद पर तैनात श्वेता यादव मोहनपुरा इलाके में रहती हैं।अप्रैल महीने में उनको घायल एक लावारिस तोता मिला।घायल तोते को कुत्तों ने मुंह में दबा रखा था,तोते का पैर टूट गया था।श्वेता तोते को अपने घर ले आईं और उसको डॉक्टर के दिखाया।तोते का इलाज कराया। इसके बाद तोता पूरी तरीके से स्वस्थ हो गया।श्वेता ने तोते का नाम मिष्ठू रखा था।तोता परिवार के सदस्य की तरह रखा जा रहा था।
श्वेता कहती हैं कि तोते को पिंजरे में नहीं रखते थे वह हमेशा घर में खुला ही रहता था।पूरा परिवार ही मिष्ठू से लगाव रखने लगा था।तोते को अपने साथ वह बाहर लेकर जाती थीं। 11 अगस्त की सुबह तोता अचानक से घर से गायब हो गया।श्वेता ने उसेत ढूंढा, लेकिन तोता नहीं मिला।अब श्वेता ने मिष्ठू को ढूंढ कर लाने वाले को 5 हजार रुपए का नगद इनाम देने की घोषणा की है।श्वेता का कहना है कि अगर तोता खुले में है तो सही है, लेकिन अगर उसको किसी ने पकड़ कर बंद कर लिया है तो उन्हें बहुत दुख होगा।वह अपने तोते को खुले में रखती थीं, इसलिए वह चाहती हैं कि तोता हमेशा खुले में रहे।तोता खोजकर लाने वाले को पांच हजार रुपए का इनाम देंगी।
जब यह खबर सोशल मीडिया पर वायरल हुई तो कई लोग अपना तोता लेकर पहुंच गए,लेकिन तोते श्वेता के नहीं है।श्वेता ने बताया कि अब तक जो भी तोता लेकर उनके पास पहुंचा है वह उनका पालतू तोता नहीं है। श्वेता ने बताया कि उनका परिवार तोते का बेसब्री से इंतजार कर रहा है।पूरे घर में एक उदासी का माहौल है।श्वेता ने लोगों से आग्रह किया है कि अगर किसी को उनका तोता मिले तो उनके घर तक पहुंचा दे।किसी ने उनके तोतों को कैद किया है तो वह उसको आजाद कर दें।

( धन्नजय सिंह की खास रिपोर्ट )
