उत्तर प्रदेश अमेठी जगदीशपुर पर बना बिना दिवार का 05 सीटों वाला इज्जत घर विडियो हुआ वायरल अधिकारियों ने झाड़ा पल्ला कहा बच्चों के लिए बनाया गया। ( धनंजय सिंह की खास रिपोर्ट)

( जगदीशपुर पर बना बिना दिवार का 04 सीटों वाला इज्जत घर विडियो हुआ वायरल अधिकारियों ने झाड़ा पल्ला कहा बच्चों के लिए बनाया गया )
उत्तर प्रदेश अमेठी जगदीशपुर पर बना बिना दिवार का 05 सीटों वाला इज्जत घर विडियो हुआ वायरल अमेठी में बना गजब का सार्वजनिक शौचालय, पांचों सीटों के बीच में नहीं बनी कोई दीवार। जो भी इसे देख रहा, अपना सिर पकड़ ले रहा है। उत्तर प्रदेश का वीवीआईपी जिला अमेठी अक्सर सुर्खियों में रहता है।एक बार फिर अमेठी सुर्खियों में है।यहां पर सार्वजनिक शौचालय बनाया गया है,जिसमें दरवाजा नहीं है।चार सीटों को पास-पास में लगाया गया है, जिनके बीच में दीवार भी नहीं है।इसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।वीडियो वायरल होने पर कांग्रेस ने केंद्रीय मंत्री अमेठी सांसद स्मृति ईरानी पर निशाना साधा है।वहीं इस मामले में अधिकारी ने अपनी गिरेबान बचाते हुए कहा है कि ऐसा शौचालय बच्चों के लिए बनाया गया है।बता दें कि मामला जगदीशपुर विधानसभा क्षेत्र के कटेहटी गांव का है। यहां पर सामुदायिक शौचालय में बिना दीवार के चार सीटों को पास-पास में लगाया है और शौचालय में गेट भी नहीं है।इस शौचालय का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है।वीडियो को लेकर लोग तरह-तरह की प्रतिक्रिया दे रहे हैं।
यूपी कांग्रेस ने साधा केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी पर निशाना
इस वीडियो को यूपी कांग्रेस ने एक्स पर शेयर करते हुए केंद्रीय मंत्री अमेठी सांसद स्मृति ईरानी पर निशाना साधा है।कांग्रेस ने लिखा है कि अमेठी में बने इस सार्वजनिक शौचालय को दुनिया का आठवां अजूबा घोषित कर दिया जाए तो कैसा रहेगा।देखिये यहां पांच सीटें बिछाई गई हैं और उनके बीच कोई दीवार नहीं, बल्कि ये ऐसे लगी हैं जैसे किसी हॉल में पांच चारपाइयां पड़ी हों।अब भाई ये बनी है एक्सीडेंटल सांसद महोदया महारानी मैडम के क्षेत्र में फिर इसका कुछ अलग होना तो बनता है ना।हालांकि समझने वाली बात ये है कि पैसा तो सारी दीवारों का भी आया होगा फिर उन्हें कौन खा गया। ठेकेदार, अधिकारी, मंत्री या सब मिलजुल कर।
शौचालय में कराई गई साफ-सफाई
वीडियो वायरल होने के बाद आनन-फानन में प्राशासनिक अधिकारियों ने शौचालय में साफ-सफाई कराई है।अधिकारियों ने वायरल वीडियो पर कहा है कि छोटे बच्चों के लिए प्रयोग के लिए इसक शौचालय को बनाया गया है।
मेरे कार्यकाल में नहीं बनवाया गया शौचालय
कटेहटी गांव के प्रधान जावाद ने कहा कि शौचालय मेरे कार्यकाल में नहीं बना है।अधिकारी गांव आए थे।जावाद ने कहा है कि जो कमी है उसको सुधारवा दिया जाएगा। गांव के लड़के आते है और शौचालय को तोड़-फोड़ देते हैं। शौचालय में जिसकी ड्यूटी लगी है वह समय पर आता है।इस शौचालय को बराबर खोला जाता है।वहीं शौचालय के केयर टेकर का गायत्री का कहना है कि गांव वाले शौचालय का प्रयोग करते है और बाहर की सीट बच्चो के लिए है।जब मैंने काम शुरु किया तो यह ऐसा ही बना हुआ था।
इस तरह के शौचालय के लिए नहीं कोई निर्देश: पंचायतीराज अधिकारी
पंचायतीराज अधिकारी श्रीकांत यादव ने कहा है कि ग्राम पंचायत में सार्वजनिक शौचालय बनवाया गए थे।इसी क्रम में कटेहती गांव में सामुदायिक शौचालय बनाया गया है,जो बच्चे अपने माता-पिता के साथ यहां आते हैं उनके लिए यह शौचालय बनाया गया है।कहा कि इस तरह के शौचालय के लिए शासन का कोई निर्देश नहीं है।
बच्चियां परेशान होती हैं: ग्रामीण
ग्रामीण दुर्गेश उपाध्याय ने कहा कि शौचालय तक जाने के लिए पक्का रास्ता नहीं है।बच्चों के लिए जो सीट बनाई गई उसमें कोई पर्दा तक नहीं है।बच्चियों को यहां भेजने में संकोच होता है।आज के युग के हिसाब से इस तरह से शौचालय को नहीं बनाना चाहिए।जल्द से जल्द शौचालय को ठीक करा देना चाहिए।

( धनंजय सिंह की खास रिपोर्ट)
