गोंडा नगर पंचायत स्थित वर्षो पुराने हनुमान मंदिर धार्मिक स्थलों के बगल में दबंगों द्वारा लगी मांश व अंडे की दुकाने मन्दिर पर छाये संकट के बादल प्रशासन हुआ बेखर। ( निशिथ कुमार श्रीवास्तव की खास रिपोर्ट )


( नगर पंचायत स्थित वर्षो पुराने हनुमान मंदिर धार्मिक स्थलों के बगल में दबंगों द्वारा लगी मांश व अंडे की दुकाने मन्दिर पर छाये संकट के बादल प्रशासन हुआ बेखर )
गोण्डा नगर पंचायत के चौक बाज़ार में महाबली हनुमान का प्राचीन मन्दिर स्थित है। बताया जाता है की इस मन्दिर की स्थापना श्री मति शिवराजी द्वारा सन 1952 में कराया गया था। इस मन्दिर के बाईं तरफ करीब तीन चार दुकानों के बाद मस्जिद स्थित है। मुस्लिम आबादी होने के कारण मन्दिर के आस पास मांस मछली व अंडे की दुकाने खुले आम लगती हैं। इन्ही वजहों से इस प्राचीन हनुमान मन्दिर के अस्तित्व पर कई वर्षो से संकट मंडरा रहा है। कुछ माह पहले बजरंगदल के क्षेत्रीय संयोजक कमलापति गुप्ता ने मन्दिर के आस पास लगने वाली मांस मछली व अंडे की दुकानों को हटाने के लिए प्रशासन को पत्र सौंपा था। लेकिन ख़ास कोई बदलाव देखने को नही मिला। लोगों ने बताया की मन्दिर स्वर्गीय ओम प्रकाश गुप्ता के पूर्वजों द्वारा निजी भूमि पर स्थापित किया गया था। उन्ही के परिजनों द्वारा भूमि विवाद को लेकर प्राचीन मन्दिर दयनीय स्थिति में है। बताया यह भी जाता है की मन्दिर का अधिकाँश भाग पर कब्जा करके दुकाने संचालित की जा रही हैं। बजरँग बली में अपनी आस्था रखने वाले लोगो का मानना है की मन्दिर व्यक्तिगत नही होता है भगवान किसी एक व्यक्ति के लिए नही अपितु समस्त मानवजाति के होते हैं। धार्मिक दृष्टिकोण से इस मन्दिर के आसपास मीट मछली की दुकाने वर्जित हों तथा यहां के जिम्मेदार लोगों को मन्दिर के जीर्णोद्धार की पहल करनी चाहिए।

( निशिथ कुमार श्रीवास्तव की खास रिपोर्ट )
