श्रावस्ती नेपाल में श्रावस्ती सीमा से सटे इलाके में तीन टावर पहले से ही समस्या बने हुए थे नेपाल लगा रहा है नो मेंस लैंड से दो किलोमीटर की दूरी पर मोबाइल टावर,आंतरिक सुरक्षा के लिए बढ़ा खतरा |

( नेपाल में श्रावस्ती सीमा से सटे इलाके में तीन टावर पहले से ही समस्या बने हुए थे नेपाल लगा रहा है नो मेंस लैंड से दो किलोमीटर की दूरी पर मोबाइल टावर,आंतरिक सुरक्षा के लिए बढ़ा खतरा )

उत्तर प्रदेश के श्रावस्ती जिले में नो मेंस लैंड से महज दो किलोमीटर की दूरी पर नेपाल तीन नए मोबाइल टावर लगा रहा है।नेपाल में पहले से ही तीन टावर नेपाल सीमा से महज एक किलोमीटर दूरी पर लगे हुए हैं।नए टावर से भारतीय क्षेत्र में नेपाल का दखल संचार के माध्यम से बढ़ेगा।नेपाल द्वारा भारतीय सीमा के करीब लगाए गए टावर पहले से ही भारत के लिए समस्या हैं। अब नए टावर से नेपाल का भारत में दखल बढ़ेगा। इस संबंध में खुफिया एजेंसियों ने केंद्र को रिपोर्ट भेज दी है।

भारत और नेपाल की सीमा खुली हुई है।आने जाने वालों के लिए कुछ औपचारिकताओं को छोड़ दिया जाए तो कोई खास प्रतिबंध नहीं है। इसी का फायदा पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियों के साथ ही अन्य राष्ट्र विरोधी संगठन उठा रहे हैं। अभी हाल ही में जिले के सीमा क्षेत्र में दो अफगानी नागरिक पकड़े गए थे। इसे देखते हुए नेपाल की सीमा अब पहले जैसी महफूज नहीं है। नो मेंस लैंड से महज एक किलोमीटर पर नेपाल मोबाइल का टावर लगाता जा रहा है। नेपाल टेलीकॉम नेटवर्क भारतीय क्षेत्र में तीन किलोमीटर तक आसानी से पकड़ रहा है। नेपाल में श्रावस्ती सीमा से सटे इलाके में तीन टावर पहले से ही समस्या बने हुए थे। इसी के बाद नेपाल बाके के गंगापुर गांव में फिर से एक नया मोबाइल टावर लगा रहा है। इसका सामान आ चुका है। इस टावर के शुरू होते ही बघौड़ा क्षेत्र में भी नेपाल का दखल संचार के माध्यम से हो जाएगा।

एसपी के पत्र ने भी की थी पुष्टि

ऑपरेशन कवच के तहत सीमा क्षेत्र के भ्रमण के दौरान एसपी प्राची सिंह ने नेपाल नेटवर्क का उपयोग भारत में होने की पुष्टि की थी। इसके लिए आईजी को एक पत्र भी एसपी ने लिखा था।पत्र में कहा था कि नेपाल सीमा से सटे इलाकों में टावर न होने के कारण लोग नेपाल सिम का उपयोग कर रहे है। इसको उन्होंने देश के लिए खतरा माना था।

पहले ही भेजी जा चुकी है रिपोर्ट

एसपी प्राची सिंह का कहना है कि नेपाल के बेउचाहवा में कुछ दिन पूर्व एक टावर लगा है। इसके साथ ही तीन टावर श्रावस्ती बॉर्डर पर नेपाली क्षेत्र में लगे हैं।जिसका नेटवर्क बॉर्डर से तीन किलोमीटर भारतीय क्षेत्र में पकड़ता है।इसकी रिपोर्ट पहले ही भेजी जा चुकी है। नए टावर की जानकारी नहीं है। पता करके ही कुछ बताया जा सकता है।

तीन किलोमीटर तक पकड़ रहा नेटवर्क

घटना के समय जब पुलिस अपराधियों को पकड़ने के लिए सर्विलांस का सहारा लेने का प्रयास करती है, तो दूसरा देश होने के कारण उन्हें अपराधियों की लोकेशन नहीं मिल पाती है। नेपाल में अभी तक मटैहिया, नरैनापुर और भोज भगवानपुर में नेपाल टेलीकॉम का टावर लगा हुआ है। इसका नेटवर्क भारतीय क्षेत्र में तीन किलोमीटर तक स्पष्ट पकड़ता है।

आंतरिक सुरक्षा को खतरा,खुफिया एजेंसियों ने भेजी रिपोर्ट

नेपाल सीमा से पूरा जिला सटा होने से यहां केंद्र और राज्य सरकार की सभी खुफिया एजेंसियां तैनात हैं। नेपाल के गंगापुर सहित तीन स्थानों पर नेपाल टेलीकॉम के नए टावर लगने की सूचना भारत सरकार को भेजी है। एजेंसियों ने अपनी रिपोर्ट में टावर को आंतरिक सुरक्षा के लिए खतरा बताया है।

 

(धन्नजय सिंह की खास रिपोर्ट )

samacharlive24

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